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‘देश को हिंदू-मुसलमान में उलझाए रखना चाहती है बीजेपी’ — उत्तम नगर घटना पर राहुल गांधी का सीधा हमला

राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 19 मार्च 2026

“खून-खराबा केवल बीजेपी और उसका इकोसिस्टम चाहता है… वो चाहते हैं कि देश हिंदू-मुसलमान में उलझा रहे।” — कांग्रेस नेता Rahul Gandhi का यह बयान अब दिल्ली के उत्तम नगर की घटना के बाद सियासत के केंद्र में आ गया है। राहुल गांधी ने सीधे तौर पर Bharatiya Janata Party पर आरोप लगाया है कि समाज में नफरत और तनाव पैदा करना उनकी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बन चुका है, ताकि असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा सके।

दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दिन शुरू हुआ एक मामूली विवाद हिंसा में बदल गया और 26 साल के तरुण की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। एक बच्ची द्वारा फेंका गया रंग का गुब्बारा विवाद की वजह बना, जिसके बाद दो पक्षों में कहासुनी बढ़ी और देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया। आरोप है कि भीड़ ने तरुण को घेरकर बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी जान चली गई। परिवार के अन्य सदस्य भी इस हिंसा में घायल हुए।

घटना के बाद इलाके में तनाव बना हुआ है। पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन माहौल अभी भी संवेदनशील है। ईद से पहले बढ़ती तल्खी और सोशल मीडिया पर फैल रहे भड़काऊ संदेश हालात को और बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। अदालत में भी याचिका दायर कर सांप्रदायिक तनाव की आशंका जताई गई है।

राहुल गांधी ने इस पूरे मामले को एक व्यापक राजनीतिक पैटर्न से जोड़ते हुए कहा कि जब भी देश में बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक संकट जैसे सवाल उठते हैं, तब समाज को धार्मिक आधार पर बांटने की कोशिश तेज कर दी जाती है। उनके मुताबिक, यह रणनीति लोगों को असली मुद्दों से दूर रखने का एक तरीका है।

उन्होंने दिल्लीवासियों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी उकसावे में न आएं, क्योंकि देश की ताकत एकता में है, नफरत में नहीं।

वहीं, बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस पर पलटवार किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस इस घटना को राजनीतिक रंग देकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है, जबकि कानून अपना काम कर रहा है।

लेकिन इस राजनीतिक टकराव के बीच सबसे बड़ा सवाल वही है—क्या तरुण को न्याय मिलेगा या फिर यह मामला भी सियासी आरोप-प्रत्यारोप में उलझकर रह जाएगा? क्योंकि जब राजनीति गर्म होती है, तो उसकी सबसे बड़ी कीमत आम आदमी ही चुकाता है।

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