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हॉस्टल में सो रही थीं छह छात्राएं, सांप ने डसा; तीन आदिवासी बच्चियों की मौत, NHRC ने लिया संज्ञान

गढ़चिरौली के आदिवासी छात्रावास में फर्श पर सो रही छह छात्राओं को सांप ने डस लिया, जिसमें तीन बच्चियों की मौत हो गई और तीन का इलाज जारी है। घटना पर NHRC ने स्वतः संज्ञान लेते हुए महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया है। यह हादसा सिर्फ सांप के डसने की त्रासदी नहीं, बल्कि छात्रावासों में बुनियादी सुविधाओं, सुरक्षा और जवाबदेही पर गंभीर सवाल है। बच्चों को शिक्षा के साथ सुरक्षित आवास देना भी सरकार की जिम्मेदारी है।

अमेरिका के निशाने पर फिर भारत, चीन के टैरिफ बचाने में मदद का आरोप

अमेरिका की नई रिपोर्ट में भारत समेत 40 से अधिक देशों पर चीन के सामान को कथित तौर पर अमेरिकी टैरिफ से बचाने वाले ट्रांसशिपमेंट जोखिम का आरोप लगाया गया है, जिसमें पुणे-गुजरात-चेन्नई औद्योगिक बेल्ट का भी उल्लेख है। हालांकि सूची में शामिल होना भारत की संलिप्तता साबित नहीं करता, लेकिन इससे भारतीय निर्यातकों पर सप्लाई चेन, दस्तावेज और ‘Rules of Origin’ को लेकर जांच बढ़ सकती है। भारत के लिए यह चेतावनी भी है और अवसर भी—पारदर्शी व्यापार, मजबूत कस्टम निगरानी और घरेलू विनिर्माण को बढ़ाकर वैश्विक सप्लाई चेन में भरोसेमंद केंद्र बनना होगा।

चीन-ब्राजील की नई अंतरिक्ष साझेदारी, दक्षिण अमेरिका में मौसम और आपदा चेतावनी को मिलेगी नई ताकत

चीन और ब्राजील की CBERS-5 अंतरिक्ष साझेदारी दक्षिण अमेरिका में मौसम निगरानी और प्राकृतिक आपदाओं की समय रहते चेतावनी को नई ताकत दे सकती है। 2030 में प्रस्तावित यह उपग्रह बाढ़, सूखा और तूफान जैसे खतरों की निगरानी में मदद करेगा। यह सहयोग सिर्फ वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं, बल्कि अंतरिक्ष तकनीक को सीधे मानव सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है। साथ ही, दक्षिण अमेरिका में चीन की तकनीकी और रणनीतिक मौजूदगी को भी इससे मजबूती मिल सकती है।

चीन पर अमेरिकी टैरिफ चोरी का आरोप, भारत समेत 40 से ज्यादा देशों पर उठे सवाल

अमेरिका ने चीन पर टैरिफ से बचने के लिए भारत समेत 40 से अधिक देशों के रास्ते सामान भेजने का आरोप लगाया है। हालांकि किसी देश का नाम रिपोर्ट में होना अपने आप में उसकी संलिप्तता साबित नहीं करता। इस विवाद के बीच भारत के लिए सबसे जरूरी है—कस्टम और ‘Rules of Origin’ व्यवस्था मजबूत करना, व्यापार में पारदर्शिता बनाए रखना और चीन-अमेरिका तनाव से पैदा हो रहे वैश्विक सप्लाई चेन बदलाव का लाभ उठाकर भारत को वास्तविक विनिर्माण और निर्यात केंद्र बनाना।

स्वतंत्रता दिवस विशेष : संघर्ष, उपलब्धियों और बदलाव की आठ दशक लंबी यात्रा

15 अगस्त 1947 से 15 अगस्त 2026 तक भारत की 80 साल की यात्रा सिर्फ उपलब्धियों की कहानी नहीं, बल्कि संघर्ष, संकट, बदलाव और अदम्य आत्मविश्वास की कहानी है। लोकतंत्र की नींव से लेकर अंतरिक्ष की उड़ान, आर्थिक सुधारों से डिजिटल क्रांति और सीमाओं की चुनौतियों से वैश्विक मंच पर बढ़ती भूमिका तक—भारत ने हर दौर में खुद को साबित किया है। अब अगली मंजिल सिर्फ चांद तक पहुंचना नहीं, बल्कि हर भारतीय तक विकास, अवसर, सम्मान, सुरक्षा और न्याय पहुंचाना है। 🇮🇳 भारत@80—गर्व भी, जिम्मेदारी भी।

स्वतंत्रता दिवस विशेष : विकास की रफ्तार और आम आदमी की हिस्सेदारी—भारत की बदलती तस्वीर

भारत की 80 साल की विकास यात्रा केवल बड़े शहरों, एक्सप्रेसवे, मेट्रो, हवाई अड्डों और औद्योगिक गलियारों की कहानी नहीं है। यह उन करोड़ों लोगों की कहानी भी है, जिनके श्रम ने इस बदलते भारत की नींव रखी है। विकास ने देश को नई गति दी है, नई सुविधाएं दी हैं और नए अवसर खोले हैं। अब अगली बड़ी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि विकास की इस रफ्तार में मजदूर, किसान, आदिवासी समुदाय और विस्थापित परिवार भी समान रूप से सुरक्षित, सम्मानित और सहभागी महसूस करें। भारत की असली ताकत तब और बढ़ेगी, जब विकास की ऊंचाई और आम नागरिक की जिंदगी की गुणवत्ता एक साथ ऊपर उठे। 🇮🇳

स्वतंत्रता दिवस विशेष : पूर्वोत्तर में विद्रोह की दशकों पुरानी कहानी—बहिष्कार के पीछे क्या है?

पूर्वोत्तर की आवाज, भारत की ताकत : पूर्वोत्तर में विद्रोह और स्वतंत्रता दिवस के बहिष्कार की अपील को सिर्फ सुरक्षा का सवाल मानना पर्याप्त नहीं है। इसके पीछे पहचान, जमीन, राजनीतिक आकांक्षाओं और लंबे समय की असहमति की परतें हैं। समाधान का रास्ता सुरक्षा के साथ संवाद, विकास के साथ स्थानीय भागीदारी और राष्ट्रीय एकता के साथ सांस्कृतिक सम्मान से निकलता है। कुछ सशस्त्र संगठनों की आवाज को पूरे पूर्वोत्तर की आवाज मानना भी सही नहीं होगा। भारत की असली ताकत यही है कि विविध पहचानें साथ रहकर एक मजबूत राष्ट्र बनाती हैं। पूर्वोत्तर मजबूत होगा, तो भारत और मजबूत होगा। 🇮🇳

Batwara 1947 Review: बंटवारे के दर्द से इंसानियत के संदेश तक, लेकिन कहानी दिल तक पहुंचने में रह जाती है पीछे

मनोरंजन | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 15 अगस्त 2026 1947 का बंटवारा भारतीय इतिहास का वह अध्याय है, जिसे याद करना आज भी आसान नहीं है। लाखों लोगों ने अपना घर, शहर, रिश्ते और पुरानी जिंदगी पीछे छोड़ दी थी। इसी दर्दनाक दौर को पर्दे पर उतारने की कोशिश करती है ‘Batwara […]

परीक्षा में पारदर्शिता पर राष्ट्रपति का जोर, पेपर लीक रोकने को व्यापक सुधारों पर भरोसा

युवाओं की मेहनत से खिलवाड़ नहीं : परीक्षा सिर्फ एक पेपर नहीं, लाखों युवाओं की वर्षों की मेहनत और बेहतर भविष्य का सपना है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने पर जोर इसी भरोसे की रक्षा का संदेश है। पेपर लीक पर लगाम, तकनीक का इस्तेमाल, स्पष्ट जवाबदेही और तेज कार्रवाई—यही निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की असली पहचान है। मेहनत करने वाले हर विद्यार्थी को यह भरोसा मिलना चाहिए कि उसका भविष्य उसकी योग्यता तय करेगी, किसी लीक या लापरवाही का खेल नहीं।

‘वाहेगुरु का आदेश मिला’, सुखबीर बादल पर हमले के आरोपी निहंग ने पुलिस को क्या बताया?

नांदेड़ गुरुद्वारे में सुखबीर बादल पर कृपाण से हमले का मामला, आरोपी जसपाल सिंह गिरफ्तार; पुलिस पूछताछ में बताई हमले की वजह।