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रूस का यूक्रेन पर भीषण हमला, पोलैंड में गिरी संदिग्ध रूसी मिसाइल; नाटो की चिंता बढ़ी

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | 31 जुलाई 2026

रूस और यूक्रेन के बीच चार साल से अधिक समय से जारी युद्ध एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। गुरुवार तड़के रूस ने यूक्रेन के कई शहरों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और सैकड़ों ड्रोन से बड़ा हमला किया। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार इस हमले में कम से कम 8 नागरिकों की मौत हुई, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए। हमले में कई घर, बाजार, गोदाम और अन्य नागरिक ढांचे भी क्षतिग्रस्त हुए।

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने एक ही रात में 70 से अधिक मिसाइलें और 280 से अधिक हमलावर ड्रोन दागे। उन्होंने दावा किया कि यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली ने 260 से अधिक ड्रोन को मार गिराया, लेकिन बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए आवश्यक पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम की भारी कमी अब साफ दिखाई दे रही है। जेलेंस्की ने कहा कि पश्चिमी देशों से मिसाइल रक्षा प्रणाली की तत्काल और बड़े पैमाने पर आपूर्ति अब पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गई है।

इस हमले के दौरान एक और गंभीर घटना सामने आई। पोलैंड ने दावा किया कि एक संदिग्ध रूसी Kh-101 क्रूज़ मिसाइल उसके हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई और बाद में देश के ल्यूब्लिन प्रांत के एक निर्जन इलाके में गिर गई। पोलैंड की वायुसेना ने तत्काल F-16 लड़ाकू विमान भेजे, लेकिन मिसाइल रडार से गायब हो गई। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद कहा कि शुरुआती संकेत बताते हैं कि यह रूसी मिसाइल थी, हालांकि अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।

यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि रूसी मिसाइल वास्तव में पोलैंड के क्षेत्र में गिरी, तो यह केवल यूक्रेन-रूस युद्ध का मामला नहीं रहेगा। पोलैंड नाटो (NATO) का सदस्य है और उसके हवाई क्षेत्र का उल्लंघन पूरे सैन्य गठबंधन के लिए गंभीर सुरक्षा चिंता माना जाता है। हालांकि पोलैंड ने कहा कि मिसाइल किसी आबादी वाले क्षेत्र में नहीं गिरी और इससे तत्काल कोई खतरा नहीं पैदा हुआ।

रूस ने इन हमलों का बचाव करते हुए कहा कि उसके निशाने पर यूक्रेन के सैन्य एयरबेस, हथियार कारखाने, ड्रोन निर्माण इकाइयां, मिसाइल संयंत्र, विमान मरम्मत केंद्र और सैन्य संचार सुविधाएं थीं। वहीं यूक्रेन का कहना है कि हमलों में बड़ी संख्या में नागरिक क्षेत्र भी प्रभावित हुए। ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र में एक ही परिवार के कई सदस्यों की मौत हो गई, जिनमें 6 वर्ष की एक बच्ची और 11 व 17 वर्ष के दो किशोर भी शामिल थे।

दूसरी ओर रूस ने दावा किया कि उसने रातभर में 258 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। रूसी अधिकारियों के अनुसार यूक्रेन के ड्रोन हमलों से पेंज़ा और उदमुर्तिया क्षेत्रों में स्थित वाइल्डबेरीज़ कंपनी के बड़े गोदामों में आग लग गई, जहां एक व्यक्ति घायल हुआ और लगभग 200 कर्मचारियों को सुरक्षित निकाला गया। यूक्रेन का आरोप है कि यह कंपनी ऐसे सामान उपलब्ध कराती है जिनका उपयोग रूसी सेना कर सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला ऐसे समय हुआ है जब हाल ही में जेलेंस्की ने वॉशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी रक्षा कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर यूक्रेन के लिए अधिक पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली की मांग की थी। लेकिन ईरान के साथ जारी युद्ध के कारण अमेरिका के पास उपलब्ध इंटरसेप्टर मिसाइलों का भंडार भी दबाव में है, जिससे यूक्रेन को तत्काल सैन्य सहायता देना पहले की तुलना में अधिक कठिन हो गया है।

रूस के लगातार बढ़ते हमले, यूक्रेन की कमजोर होती वायु रक्षा और अब नाटो सदस्य पोलैंड तक मिसाइल पहुंचने की घटना ने यूरोप की सुरक्षा चिंताओं को और गहरा कर दिया है। यदि ऐसे घटनाक्रम दोहराए गए, तो यूक्रेन युद्ध का दायरा केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रह सकता और इसका असर पूरे यूरोपीय सुरक्षा ढांचे पर पड़ सकता है।

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