अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 2 अगस्त 2026
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच फिर बढ़ते सैन्य टकराव ने पूरे क्षेत्र में बड़े संघर्ष की आशंका पैदा कर दी है। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अमेरिका ने क्षेत्र में मौजूद अपने नागरिकों को वहां से निकलने पर विचार करने या हालात बिगड़ने की स्थिति में तुरंत निकलने के लिए तैयार रहने को कहा है। अम्मान, यरुशलम और बगदाद स्थित अमेरिकी मिशनों की ओर से जारी सुरक्षा संदेशों में नागरिकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने, उड़ानों की जानकारी लगातार जांचने और स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा सलाह का पालन करने को कहा गया है।
अमेरिकी नागरिकों को चेतावनी—उड़ानें रद्द और एयरस्पेस बंद होने के लिए रहें तैयार
अमेरिकी सुरक्षा अलर्ट में कहा गया है कि पश्चिम एशिया में मौजूद नागरिकों को उड़ानें रद्द होने, समय-समय पर हवाई क्षेत्र बंद होने और यात्रा में गंभीर रुकावटों की संभावना को ध्यान में रखकर तैयारी करनी चाहिए। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब थोड़े समय की शांति के बाद अमेरिका और ईरान के बीच इस सप्ताह फिर हमलों का सिलसिला शुरू होने की खबर है। बढ़ते तनाव ने इस आशंका को मजबूत किया है कि संघर्ष केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित न रहकर आसपास के देशों और महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों तक फैल सकता है।
ट्रंप की ईरान को चेतावनी—‘बहुत जोरदार हमला करेंगे’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई अभी समाप्त नहीं हुई है। कैंप डेविड में अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका “जीतना चाहता है” और जरूरत पड़ने पर ईरान पर “बहुत जोरदार” हमला किया जाएगा। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति भी शामिल है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है और यहां लंबे समय तक संकट रहने का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार तक पहुंच सकता है।
ईरान का पलटवार—अमेरिका का साथ देने वाले देशों को चेतावनी
ईरानी सेना ने अमेरिका पर क्षेत्र में तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया है। ईरान के सैन्य केंद्रीय कमान प्रमुख अली अब्दुल्लाही ने क्षेत्रीय देशों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि वे अमेरिका की सैन्य गतिविधियों में सहयोग करने से बचें। ईरान की ओर से बेहद कड़े शब्दों में संकेत दिया गया कि अमेरिका के लिए ‘रक्षात्मक ढाल’ बनने वाले देश भी संघर्ष की चपेट में आ सकते हैं। इस चेतावनी ने उन खाड़ी देशों की चिंता बढ़ा दी है जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने या रणनीतिक सुविधाएं मौजूद हैं।
कुवैत तक पहुंचे ड्रोन, महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले का दावा
तनाव का दायरा कुवैत तक पहुंचने की खबर है। कुवैत की सेना के अनुसार उसके सुरक्षा बलों ने ड्रोन हमलों का मुकाबला किया। कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी के मुताबिक ड्रोन ने देश के उत्तर में एक सरकारी ढांचे सहित कुछ महत्वपूर्ण सुविधाओं को निशाना बनाया। हालांकि इन हमलों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं दी गई। कुवैत में हमले की खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह संकेत देती है कि संघर्ष का असर ईरान की सीमाओं से बाहर दूसरे खाड़ी देशों तक फैल सकता है।
ओमान के पास दो टैंकरों से जुड़ी घटनाएं, होर्मुज पर बढ़ी चिंता
समुद्री रास्तों की सुरक्षा भी बड़ी चिंता बनती जा रही है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के मुताबिक ओमान के पास दो टैंकरों से जुड़ी घटनाओं की सूचना मिली। पहली घटना ओमान के लीमा से करीब 11 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में हुई, जहां एक टैंकर के अज्ञात प्रोजेक्टाइल की चपेट में आने की सूचना है। इससे उसके इंजन रूम को नुकसान पहुंचा और जहाज नियंत्रण में नहीं रहा। हालांकि किसी के हताहत होने या पर्यावरण को नुकसान की खबर नहीं थी। दूसरी घटना खासाब से करीब 21 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में बताई गई, जहां एक टैंकर के पास जोरदार विस्फोट और पानी में बड़ी हलचल देखे जाने की सूचना मिली। दोनों स्थान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के प्रवेश क्षेत्र के करीब हैं।
होर्मुज के बाद बाब-अल-मंदेब पर भी संकट
चिंता केवल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तक सीमित नहीं है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने बाब-अल-मंदेब में नाकाबंदी की घोषणा की है। रिपोर्ट के मुताबिक आठ सऊदी जहाजों को इस रास्ते से हटकर अफ्रीका के दक्षिण में केप ऑफ गुड होप की ओर लंबा रास्ता लेना पड़ा। बाब-अल-मंदेब लाल सागर और अरब सागर को जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यदि होर्मुज और बाब-अल-मंदेब दोनों जगह लंबे समय तक तनाव बना रहता है तो तेल, गैस और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की ढुलाई पर गंभीर असर पड़ सकता है।
दुनिया की नजर अब तेल और समुद्री व्यापार पर
पश्चिम एशिया का यह संकट केवल क्षेत्रीय युद्ध का सवाल नहीं रह गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया के तेल व्यापार का महत्वपूर्ण हिस्सा गुजरता है, जबकि बाब-अल-मंदेब एशिया और यूरोप के बीच समुद्री व्यापार की प्रमुख कड़ी है। इन रास्तों पर खतरा बढ़ने से जहाजों को लंबा रास्ता लेना पड़ सकता है, बीमा और माल ढुलाई की लागत बढ़ सकती है और अंततः कच्चे तेल से लेकर रोजमर्रा की वस्तुओं तक की कीमतों पर असर पड़ सकता है।
अमेरिका द्वारा अपने नागरिकों को क्षेत्र छोड़ने के लिए तैयार रहने की सलाह बताती है कि वाशिंगटन आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ने की संभावना को गंभीरता से ले रहा है। ट्रंप की और हमलों की चेतावनी, ईरान का पलटवार, कुवैत में ड्रोन हमले और दो महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर बढ़ता खतरा—इन सबने पश्चिम एशिया को एक बार फिर बेहद संवेदनशील मोड़ पर खड़ा कर दिया है।




