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‘FIR दर्ज हो, वरना कोर्ट जाएंगे’, कॉकरोच का पुतला जलाने पर AAP ने की कार्रवाई की मांग

सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली के उपराज्यपाल और पुलिस आयुक्त को भेजी शिकायत; रामलीला समिति ने बताया सफाई का प्रतीक, कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा—‘मुफ्त प्रचार के लिए धन्यवाद’

ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 21 अक्टूबर 2026

दिल्ली में दशहरे के दौरान रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के साथ 30 फुट ऊंचे कॉकरोच का पुतला जलाने का मामला राजनीतिक विवाद में बदल गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इस मामले में दिल्ली के उपराज्यपाल और पुलिस आयुक्त को शिकायत भेजकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी अदालत का रुख करेगी।

भारद्वाज ने पीतमपुरा स्थित श्री केशव रामलीला समिति के आयोजकों पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने, पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों में बदलाव करने और समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उनकी शिकायत में समिति के अध्यक्ष और बीजेपी विधायक अशोक गोयल देवराहा तथा दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा सहित अन्य आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

धार्मिक परंपराओं से छेड़छाड़ का आरोप

सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि दशहरे के धार्मिक आयोजन में पारंपरिक पुतलों के साथ कॉकरोच का पुतला जलाने का फैसला धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। उनका आरोप है कि इस कदम को मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक विवादों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

भारद्वाज ने अधिकारियों से संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज करने और मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने मीडिया तथा सोशल मीडिया मंचों पर इस घटना से संबंधित सामग्री को हटाने के लिए भी कदम उठाने की अपील की।

रामलीला समिति ने क्या सफाई दी?

विवाद पर श्री केशव रामलीला समिति के अध्यक्ष और बीजेपी विधायक अशोक गोयल देवराहा ने कहा कि कॉकरोच का पुतला जलाने के पीछे कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है। उनके मुताबिक, इसका मकसद गंदगी के खिलाफ संदेश देना और स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करना है।

देवराहा ने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। समिति पहले भी नक्सलवाद और आतंकवाद जैसी समस्याओं को दर्शाने के लिए पारंपरिक पुतलों के अतिरिक्त दूसरे पुतले जलाती रही है। इसी क्रम में इस बार कॉकरोच को गंदगी का प्रतीक बनाकर पेश करने का फैसला किया गया।

समिति का कहना है कि घरों, आसपास के इलाकों और समाज से गंदगी दूर करने का संदेश देने के लिए यह पहल की गई थी।

कॉकरोच जनता पार्टी ने क्या कहा?

इस विवाद में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। दीपके ने कॉकरोच का पुतला जलाए जाने पर आयोजकों को धन्यवाद देते हुए कहा, “मुफ्त प्रचार के लिए धन्यवाद।”

वहीं, CJP की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने इस घटनाक्रम को ‘तमाशा’ बताया।

30 फुट ऊंचा था कॉकरोच का पुतला

रामलीला समिति ने दशहरे के आयोजन में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के साथ 30 फुट ऊंचा कॉकरोच का पुतला भी शामिल किया था। इस पुतले को तैयार करने वाले कारीगर शाहवेज खान ने बताया कि उनका परिवार पीढ़ियों से दशहरे के लिए पुतले बनाता रहा है। उनके अनुसार, कॉकरोच का पुतला तैयार करने में तीन से चार दिन लगे, जबकि पारंपरिक पुतलों को बनाने में लगभग एक महीने का समय लगता है।

अब कार्रवाई पर नजर

कॉकरोच का पुतला जलाने को लेकर एक ओर AAP ने धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है, वहीं रामलीला समिति ने इसे स्वच्छता का संदेश देने वाली पहल बताया है।

अब इस मामले में दिल्ली पुलिस और उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल, सौरभ भारद्वाज की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज होने या किसी अन्य कानूनी कार्रवाई की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

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