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SIR विवाद पर प्रियंका का बड़ा वार, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

राष्ट्रीय/ राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 26 सितंबर 2026

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे विवाद के बीच बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। केरल के मलप्पुरम में उन्होंने चुनाव आयुक्तों को मिली कानूनी सुरक्षा हटाने की मांग की और कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े पदों पर बैठे लोगों को जवाबदेही से बाहर नहीं रखा जाना चाहिए। प्रियंका गांधी ने साथ ही CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई और कहा कि INDIA ब्लॉक उनके हटने की मांग को लेकर एकजुट है।

प्रियंका गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब SIR को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। हालिया रिपोर्टों में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से अलग-अलग मौकों पर आयोग के फैसलों और चुनावी सूची से जुड़े कामकाज पर लिखित आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। इन रिपोर्टों के बाद विपक्ष ने चुनाव आयोग के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया, मतदाता सूची में बदलाव और आंकड़ों के प्रबंधन को लेकर सवाल और तेज कर दिए हैं।

प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्तों को मिली कानूनी सुरक्षा ऐसी व्यवस्था बनाती है जिसमें गंभीर मामलों में जवाबदेही तय करना मुश्किल हो जाता है। उनका कहना है कि अगर चुनावी प्रक्रिया से जुड़े किसी फैसले में कानून का उल्लंघन होता है तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। यह उनकी राजनीतिक मांग है; अभी तक किसी अदालत ने ज्ञानेश कुमार को किसी अपराध का दोषी घोषित नहीं किया है।

इस पूरे विवाद के केंद्र में SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं और चुनावी सूची से जुड़े फैसलों को लेकर पारदर्शिता के पर्याप्त सवाल मौजूद हैं। दूसरी तरफ, चुनाव आयोग का कहना है कि आयोग के भीतर अलग-अलग राय या तकनीकी सुझाव संस्थागत चर्चा का हिस्सा होते हैं और हाल के प्रमुख फैसले अंतिम रूप से सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष का दबाव अब केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा है। कांग्रेस ने देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन कर उनके इस्तीफे और कार्रवाई की मांग की है। वहीं, 26 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में दायर एक PIL में भी SIR से जुड़े फैसलों को लेकर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। हालांकि यह याचिका एक मांग है, न्यायिक फैसला नहीं।

प्रियंका गांधी इससे पहले भी SIR विवाद में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अपना चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि अगर किसी व्यक्ति की भूमिका मतदाता सूची में गलत तरीके से बदलाव या नाम हटाने में साबित होती है तो उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया से छेड़छाड़ को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय बताया था।

इस बीच विपक्षी दलों की ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग लगातार सामने आ रही है। राहुल गांधी ने भी उन्हें इस्तीफा देने को कहा है और चुनावी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। ममता बनर्जी समेत कई विपक्षी नेताओं ने भी CEC के पद से उनके हटने की मांग की है। INDIA ब्लॉक की प्रस्तावित बैठक में भी SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।

अब विवाद का बड़ा सवाल यही है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े फैसलों में जवाबदेही कैसे तय होगी और आयोग के भीतर सामने आई अलग-अलग राय पर किस तरह सार्वजनिक स्पष्टीकरण दिया जाएगा। प्रियंका गांधी की मांग ने इस बहस को और राजनीतिक बना दिया है। एक तरफ विपक्ष CEC के इस्तीफे और कानूनी सुरक्षा हटाने की मांग कर रहा है, वहीं चुनाव आयोग अपने फैसलों को संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा बता रहा है। ऐसे में SIR विवाद आने वाले दिनों में संसद, सड़कों और अदालत—तीनों जगहों पर चर्चा का बड़ा मुद्दा बना रह सकता है।

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