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Perplexity CEO अरविंद श्रीनिवास बोले- अमेरिका का सपना अभी जिंदा है

टेक्नोलॉजी | ABC NATIONAL NEWS | 6 जुलाई 2026

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी Perplexity के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अरविंद श्रीनिवास का कहना है कि आज भी अमेरिका दुनिया का ऐसा देश है, जहां नए विचारों को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है। उनका मानना है कि “अमेरिकन ड्रीम” अभी खत्म नहीं हुआ है, बल्कि आज भी वहां मेहनत और अच्छे आइडिया के दम पर कोई भी बड़ी सफलता हासिल कर सकता है।

अरविंद श्रीनिवास ने यह बात मशहूर पॉडकास्ट ‘द जो रोगन एक्सपीरियंस’ में बातचीत के दौरान कही। उन्होंने कहा कि अमेरिका की सबसे बड़ी ताकत उसकी जोखिम लेने वाली सोच और नए विचारों को अपनाने की संस्कृति है।

उन्होंने कहा, “मुझे हमेशा लगा कि अमेरिका ही वह देश है, जहां आप एक नया आइडिया लेकर आते हैं और लोग उसे गंभीरता से सुनते हैं। यहां लोग आपको आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। यही वजह है कि अमेरिका आज भी सबसे आगे है।”

भारत के एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले अरविंद श्रीनिवास ने अपनी शुरुआती जिंदगी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके परिवार के लिए एक अच्छी नौकरी मिल जाना ही सबसे बड़ी सफलता मानी जाती थी। खासकर Google जैसी कंपनी में इंजीनियर बनना एक सपना था।

उन्होंने कहा कि जब वह पढ़ाई के लिए अमेरिका पहुंचे तो उन्हें महसूस हुआ कि यहां सिर्फ नौकरी करने का ही नहीं, बल्कि अपनी कंपनी शुरू कर दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों को चुनौती देने का भी अवसर मिलता है। इसी सोच के साथ उन्होंने वर्ष 2022 में AI आधारित सर्च कंपनी Perplexity की स्थापना की, जो आज दुनिया की तेजी से बढ़ती AI कंपनियों में शामिल है।

भारत और अमेरिका की तुलना करते हुए अरविंद श्रीनिवास ने कहा कि प्रतिभा हर देश में है, लेकिन नए विचारों को बढ़ावा देने का माहौल अलग-अलग होता है। उन्होंने कहा कि यह कहना सही नहीं होगा कि दूसरे देशों में अवसर नहीं हैं, लेकिन अमेरिका में लोगों को अपने विचारों पर काम करने के लिए ज्यादा प्रोत्साहन मिलता है।

उन्होंने कहा कि उनके लिए “अमेरिकन ड्रीम” का मतलब सिर्फ पैसा कमाना नहीं, बल्कि ऐसा माहौल है जहां किसी व्यक्ति के विचार को गंभीरता से लिया जाए और उसे आगे बढ़ने का मौका मिले।

अरविंद श्रीनिवास ने युवाओं को भी खास संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सफलता पाने के लिए असफलता के डर से बाहर निकलना जरूरी है। उनका मानना है कि अगर इंसान हमेशा जोखिम लेने से बचता रहेगा तो बड़ी उपलब्धियां हासिल नहीं कर पाएगा।

उन्होंने कहा, “मैं खुद को हमेशा याद दिलाता हूं कि डरकर पीछे हटना सबसे बड़ी गलती है। पूरी ताकत से आगे बढ़िए, नए प्रयोग कीजिए और अपने लक्ष्य पर हमला करने वाली सोच रखिए।”

अरविंद श्रीनिवास का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर तेज प्रतिस्पर्धा चल रही है। उनकी कंपनी Perplexity भी AI आधारित सर्च टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान बना रही है और Google जैसी बड़ी कंपनियों को चुनौती देने वाली कंपनियों में गिनी जा रही है।

तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि अरविंद श्रीनिवास की कहानी इस बात का उदाहरण है कि सही अवसर, नई सोच और जोखिम उठाने का साहस किसी भी व्यक्ति को वैश्विक स्तर पर सफलता दिला सकता है।

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