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राम मंदिर दान विवाद पर उद्धव ठाकरे का हमला, बोले- ‘हिंदुओं को सम्मोहित कर लूटा जा रहा है’

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | मुंबई | 6 जुलाई 2026

अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि में कथित गड़बड़ी को लेकर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर बड़ा हमला बोला है। मुंबई के दादर में आयोजित ‘राम रक्षा आंदोलन’ की शुरुआत करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान राम के नाम पर हिंदुओं की आस्था का राजनीतिक और आर्थिक फायदा उठाया गया है।

कार्यक्रम की शुरुआत राम रक्षा स्तोत्र, हनुमान चालीसा और मारुति स्तोत्र के पाठ से हुई। इसके बाद उद्धव ठाकरे ने बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि “आज हिंदुओं को सम्मोहित कर दिया गया है। मैं देश के सभी हिंदुओं से अपील करता हूं कि वे जागें और भगवान राम के नाम पर लूट करने वालों के खिलाफ आवाज उठाएं।”

उद्धव ठाकरे ने अपने पिता बालासाहेब ठाकरे के पुराने नारे “गर्व से कहो हम हिंदू हैं” को दोहराते हुए कहा कि उनकी पार्टी असली हिंदुत्व की राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि “राम भक्त अन्याय की लंका को जलाकर रहेंगे।”

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि “यह सरकार हिंदुओं को लूट रही है। पहले केदारनाथ-बद्रीनाथ और अब अयोध्या का मामला सामने आया है। अगर काशी और मथुरा की बात होती है तो वहां भी ऐसी ही स्थिति बनने का डर है।”

उद्धव ठाकरे ने दावा किया कि राम मंदिर को एक वरिष्ठ अधिकारी ने एक किलो से अधिक सोना दान दिया था, लेकिन अब वही यह सवाल उठा रहे हैं कि उस सोने का इस्तेमाल आखिर कहां हुआ। उन्होंने कहा कि “हम कट्टर, राष्ट्रभक्त और आस्थावान हिंदू हैं, लेकिन मूर्ख नहीं हैं।”

राम मंदिर दान विवाद को लेकर उन्होंने कहा कि लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनका कहना था कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि कोई दोषी है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

हालांकि बीजेपी इन आरोपों को पहले ही खारिज कर चुकी है। पार्टी का कहना है कि मंदिर की दान व्यवस्था में किसी तरह की संगठित वित्तीय गड़बड़ी नहीं हुई है। दूसरी ओर, इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने भी अपना पद छोड़ दिया है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उद्धव ठाकरे का यह आंदोलन सिर्फ दान विवाद तक सीमित नहीं है। इसके जरिए वह एक बार फिर हिंदुत्व के मुद्दे पर अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद से ही उद्धव ठाकरे और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच यह बहस लगातार जारी है कि बालासाहेब ठाकरे की हिंदुत्व की विरासत का असली उत्तराधिकारी कौन है।

इसी मुद्दे को लेकर उद्धव ठाकरे ने अब राज्यव्यापी ‘राम रक्षा आंदोलन’ का ऐलान किया है। पार्टी नेताओं के अनुसार आने वाले दिनों में महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों के साथ-साथ दूसरे राज्यों में भी इस अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।

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