राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 21 जुलाई 2026
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के बयान पर कांग्रेस ने कड़ा पलटवार किया है। कांग्रेस सांसद और पार्टी के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगना पूरी तरह लोकतांत्रिक अधिकार है और सरकार यह तय नहीं कर सकती कि विपक्ष या देश के छात्र क्या मांग करें।
पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि डॉ. जितेंद्र सिंह को लगता है कि राहुल गांधी द्वारा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगना “उचित नहीं” है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि वर्षों से पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं और छात्रों की आत्महत्या जैसे गंभीर मामले सामने आए हैं, तो ऐसे में शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय होना स्वाभाविक है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मामला अब केवल शिक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि संसद मार्च के दौरान छात्रों के साथ पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज, आंसू गैस के इस्तेमाल और दुर्व्यवहार के आरोप भी उतने ही गंभीर हैं। पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि कुछ छात्राओं के साथ भी पुलिस ने अमानवीय व्यवहार किया। हालांकि इन आरोपों पर पुलिस की ओर से ऐसी किसी कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई है।
पवन खेड़ा ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी केवल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की नहीं, बल्कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी है। उन्होंने कहा कि अब केवल धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पर्याप्त नहीं है और सरकार के शीर्ष नेतृत्व को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने मांग की कि छात्रों से बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगी जाए और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष तथा स्वतंत्र जांच कराई जाए। पार्टी ने कहा कि पुलिस कार्रवाई या किसी भी प्रकार की कथित ज्यादती के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
इससे पहले केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया था कि सरकार संसद में NEET और छात्र आंदोलन पर चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन राहुल गांधी ने बाद में अपनी मांगें बदल दीं। इसके जवाब में कांग्रेस ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को अपनी मांगें रखने का पूरा अधिकार है और सरकार इस पर कोई सीमा तय नहीं कर सकती।




