राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 21 जुलाई 2026
NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलन के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। AAP ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी का धरना CJP के छात्र आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश है, जबकि कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए AAP पर भाजपा की भाषा बोलने का आरोप लगाया।
AAP सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी को अपने आवास के बाहर धरना देने की अनुमति देकर CJP के आंदोलन का प्रभाव कम करने की कोशिश की। दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने भी दावा किया कि सरकार ने एक महीने से CJP और सोनम वांगचुक के आंदोलन से बातचीत नहीं की, लेकिन राहुल गांधी के प्रदर्शन के कुछ ही समय बाद बातचीत शुरू हो गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस दिल्ली पुलिस ने CJP प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर बढ़ने से रोका, उसी पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को प्रधानमंत्री आवास तक पहुंचने दिया।
कांग्रेस ने इन आरोपों का तीखा जवाब दिया। कांग्रेस नेता श्रीनिवास बी.वी. ने सोशल मीडिया पर संजय सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल उठाया कि क्या यह बयान भाजपा आईटी सेल की सोच से प्रेरित है।
इस बीच प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी से मुलाकात कर प्रदर्शन समाप्त करने का आग्रह किया। बाद में उन्होंने कहा कि सरकार NEET और छात्र आंदोलन से जुड़े सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन राहुल गांधी का व्यवहार लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं था। इसके बावजूद राहुल गांधी ने धरना जारी रखा और देशवासियों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की। बाद में दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव और कई अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया।
राहुल गांधी ने हिरासत के बाद सोशल मीडिया पर लिखा कि छात्रों के न्याय की लड़ाई को रोका नहीं जा सकता। उन्होंने केंद्र सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
राजनीतिक घटनाक्रम के बीच CJP का आंदोलन भी जारी रहा। सोमवार के “चलो संसद” मार्च के बाद जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी फिर जुटे। इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने CJP प्रतिनिधियों से बातचीत की थी, लेकिन वार्ता किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।
उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एनडीए संसदीय दल की बैठक में NEET पेपर लीक को “गंभीर अपराध” बताते हुए कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। उन्होंने सांसदों से छात्रों को भरोसा दिलाने और इस मुद्दे पर राजनीति से बचने की अपील की।
इस पूरे घटनाक्रम ने विपक्षी एकजुटता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां कांग्रेस सरकार के खिलाफ आक्रामक प्रदर्शन कर रही है, वहीं AAP का आरोप है कि इससे मूल छात्र आंदोलन का फोकस कमजोर हो रहा है। दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि छात्रों के समर्थन में हर लोकतांत्रिक आवाज का स्वागत होना चाहिए। ऐसे में सरकार और विपक्ष के साथ-साथ विपक्षी दलों के बीच भी इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव तेज होता दिखाई दे रहा है।




