राष्ट्रीय/ ओडिशा | ABC NATIONAL NEWS | भुवनेश्वर | 6 जुलाई 2026
ओडिशा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के पहले चरण की ड्राफ्ट रिपोर्ट जारी होने के बाद बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। चुनाव आयोग के अनुसार, राज्य की मतदाता सूची से 20 लाख से अधिक नाम हटाए गए हैं। वहीं, बीजू जनता दल (BJD) ने इस आंकड़े पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि वास्तविक संख्या करीब 27 लाख है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) आर. एस. गोपालन ने बताया कि विशेष पुनरीक्षण अभियान शुरू होने से पहले ओडिशा में कुल 3,33,99,591 मतदाता पंजीकृत थे। ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद यह संख्या घटकर 3,13,87,034 रह गई है। यानी पहले चरण में 20 लाख से अधिक नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
नई ड्राफ्ट सूची के अनुसार, राज्य में 1,60,19,176 पुरुष, 1,53,65,083 महिला और 2,775 ट्रांसजेंडर मतदाता दर्ज किए गए हैं।
हालांकि, विपक्षी दल बीजू जनता दल ने चुनाव आयोग के दावों पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि आयोग जितने नाम हटाने की बात कर रहा है, वास्तविक संख्या उससे कहीं अधिक है। बीजेडी का आरोप है कि करीब 27 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जिसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के लिए विशेष पुनरीक्षण अभियान चलाया गया है। इस प्रक्रिया में मृत, स्थानांतरित या अन्य कारणों से अयोग्य पाए गए मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद अब मतदाता अपने नामों की जांच कर सकते हैं। यदि किसी योग्य मतदाता का नाम सूची से हट गया है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा या आपत्ति दर्ज करा सकता है।
ओडिशा में मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आने वाले दिनों में चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच इस विषय पर और टकराव देखने को मिल सकता है।




