राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 6 जुलाई 2026
संसद के मानसून सत्र से पहले कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि अगर केंद्र सरकार परिसीमन (Delimitation) विधेयक और संविधान (130वां संशोधन) विधेयक को संसद में लाती है, तो विपक्ष इसका पुरजोर विरोध करेगा।
कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने कहा कि विपक्ष इन दोनों प्रस्तावित विधेयकों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने इन्हें “2-डी बिल” बताते हुए कहा कि एक Delimitation (परिसीमन) और दूसरा Dismissal (बर्खास्तगी) से जुड़ा है।
जयराम रमेश ने परिसीमन विधेयक को “खतरनाक” और संविधान संशोधन विधेयक को “लोकतंत्र के लिए बेहद गंभीर” बताया। उनका कहना है कि सरकार के पास इन विधेयकों को पारित कराने के लिए जरूरी संख्या बल नहीं है।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में टूट के बावजूद विपक्ष एकजुट है और संसद में इन विधेयकों का मजबूती से विरोध करेगा।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 में यह प्रावधान है कि यदि प्रधानमंत्री, किसी मुख्यमंत्री या मंत्री को गिरफ्तार कर लगातार 30 दिन तक हिरासत में रखा जाता है, तो उनका पद स्वतः समाप्त हो जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि ऐसे प्रावधान का दुरुपयोग किया जा सकता है और इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित होगी।
कांग्रेस का यह भी कहना है कि परिसीमन से जुड़े मुद्दे पर दक्षिण भारत समेत कई राज्यों की चिंताएं पहले से मौजूद हैं। ऐसे में इस विषय पर व्यापक सहमति के बिना आगे बढ़ना उचित नहीं होगा।
अब सभी की नजर संसद के मानसून सत्र पर है। यह देखना होगा कि केंद्र सरकार इन दोनों विधेयकों को पेश करती है या नहीं, और यदि करती है तो संसद के भीतर इस पर कैसी राजनीतिक टकराव की स्थिति बनती है।




