राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | दोहा | 6 जुलाई 2026
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने रविवार को कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और कतर के बीच द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में ऊर्जा, व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी दोनों नेताओं ने विचारों का आदान-प्रदान किया।
डॉ. जयशंकर 5 से 10 जुलाई तक कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान के दौरे पर हैं। इस यात्रा का उद्देश्य खाड़ी देशों के साथ भारत के रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करना है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरे के दौरान जयशंकर चारों देशों के विदेश मंत्रियों और शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगे। बैठकों में आपसी सहयोग बढ़ाने, निवेश के नए अवसरों, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।
भारत और कतर के बीच ऊर्जा क्षेत्र में लंबे समय से मजबूत साझेदारी रही है। कतर भारत को प्राकृतिक गैस का प्रमुख आपूर्तिकर्ता है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और भारतीय समुदाय से जुड़े विषय भी संबंधों का अहम हिस्सा हैं।
हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के बीच भारत लगातार क्षेत्र के देशों के साथ संवाद बनाए हुए है। इसी कड़ी में जयशंकर का यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि भारत क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए अपने साझेदार देशों के साथ समन्वय बढ़ा रहा है।
दौरे के दौरान होने वाली अन्य बैठकों पर भी दोनों पक्षों की नजर रहेगी, क्योंकि इनसे भारत और खाड़ी देशों के बीच सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।




