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नेपाल को IT हब बनाने की तैयारी, विदेशी कंपनियों के लिए रिमोट वर्क पॉलिसी लाएगी सरकार

अंतरराष्ट्रीय / नेपाल | कुशेंद्र सिंह | ABC NATIONAL NEWS | काठमांडू | 11 मई 2026

नेपाल सरकार ने देश को दक्षिण एशिया के उभरते टेक्नोलॉजी और डिजिटल सर्विस हब के रूप में विकसित करने की बड़ी योजना पेश की है। आगामी वित्त वर्ष 2026-27 की नीतियों और कार्यक्रमों में सरकार ने IT एक्सपोर्ट बढ़ाने, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने और टेक्नोलॉजी आधारित रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया है। नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संघीय संसद के संयुक्त सत्र में सरकार की नीतियां और कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए कहा कि सरकार ऐसी कानूनी व्यवस्था लाएगी, जिससे नेपाली नागरिक नेपाल में रहकर विदेशी कंपनियों के लिए रिमोट वर्क कर सकेंगे।

सरकार ने सॉफ्टवेयर, डिजिटल सर्विसेज, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी, ग्रीन कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एक्सपोर्ट को प्राथमिकता देने की घोषणा की है। सरकार का लक्ष्य नेपाल को “ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था” में बदलना और श्रम निर्यात पर निर्भरता कम करना है।

नीति दस्तावेज के अनुसार, हाई-कैपेसिटी डेटा सेंटर स्थापित किए जाएंगे और सार्वजनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किया जाएगा। IT रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए टैक्स इंसेंटिव देने तथा रिसर्च एंड डेवलपमेंट में सरकारी सह-निवेश की भी योजना है।

सरकार ने यह भी कहा है कि धीरे-धीरे सभी आर्थिक लेन-देन को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, ताकि कैशलेस और पारदर्शी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल सके।

राष्ट्रपति पौडेल ने बताया कि सरकार “स्टार्टअप नेपाल” प्लेटफॉर्म के जरिए स्टार्टअप कंपनियों के लिए रजिस्ट्रेशन, टैक्स सुविधा और सीड कैपिटल तक पहुंच आसान बनाएगी। इसके साथ ही “लर्निंग व्हाइल अर्निंग” मॉडल पर आधारित राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।

विदेश से लौटे प्रवासी नेपाली कामगारों के लिए “डिजिटल स्किल्स पासपोर्ट” सिस्टम लागू करने की भी घोषणा की गई है, जिससे उनकी तकनीकी क्षमताओं का दस्तावेजीकरण और प्रमाणन हो सके।

सरकार ने उद्यमियों और मध्यम वर्ग पर टैक्स का दबाव कम करने, VAT और टैक्स रिफंड सिस्टम को ऑटोमेट करने तथा विदेशी निवेशकों को निवेश वीजा देने की भी योजना बनाई है। नेपाल सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति जारी रखने और सार्वजनिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने का भी संकल्प दोहराया है।

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