बेंगलुरु/नई दिल्ली | ABC NATIONAL NEWS | 7 अक्टूबर 2026
Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर देश में जारी विवाद अब कर्नाटक तक पहुंच गया है। अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज ने लोगों से 8 अक्टूबर को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में होने वाले SIR विरोधी प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। प्रदर्शन का आयोजन Cockroach Janta Party (CJP) की ओर से किया जा रहा है। इसके तहत ‘चप्पल प्रदर्शन’ और पीपुल्स ट्रिब्यूनल आयोजित किया जाएगा, जिसमें SIR से कथित तौर पर प्रभावित लोगों को अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा।
प्रकाश राज ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर इस प्रदर्शन को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि फ्रीडम पार्क में राज्यस्तरीय ट्रिब्यूनल होगा, जिसमें SIR से प्रभावित नागरिक अपने अनुभव और समस्याएं सामने रखेंगे। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में पहुंचकर इस आंदोलन के साथ एकजुटता दिखाने की अपील की।
“यह सिर्फ वोट का सवाल नहीं”
प्रकाश राज ने अपने संदेश में SIR को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह केवल वोट का मुद्दा नहीं है, बल्कि संविधान और लोकतंत्र से जुड़ा सवाल है।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे 8 अक्टूबर को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क पहुंचें और SIR के खिलाफ हो रहे विरोध में अपनी आवाज जोड़ें। उनके मुताबिक इस प्रक्रिया ने कई नागरिकों के बीच चिंता और परेशानी पैदा की है, खासकर उन लोगों में जो दावा करते हैं कि उनका नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से हटाया गया।
प्रकाश राज के मुताबिक बेंगलुरु में होने वाला पीपुल्स ट्रिब्यूनल उन लोगों की आवाज सामने लाने का मंच होगा, जो खुद को SIR प्रक्रिया से प्रभावित बता रहे हैं।
अभिजीत डिपके बेंगलुरु पहुंचे
CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके भी बेंगलुरु पहुंच चुके हैं। वह स्थानीय लोगों से मुलाकात कर रहे हैं और उन नागरिकों से बातचीत करेंगे, जिनका आरोप है कि उनका नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से हटाया गया।
8 अक्टूबर की सुबह फ्रीडम पार्क में CJP की ओर से ‘चप्पल प्रदर्शन’ प्रस्तावित है। इसके बाद SIR से प्रभावित लोगों की बात पीपुल्स ट्रिब्यूनल के सामने रखी जाएगी।
डिपके ने आंदोलन से जुड़े लोगों को संदेश देते हुए कहा है कि वे अकेले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को ऐसा भारत बनाने की कोशिश करनी चाहिए जहां वे अपने अधिकारों और लोकतांत्रिक सवालों को लेकर आवाज उठाएं और उनके परिवारों को उनकी सुरक्षा को लेकर डरना न पड़े।
10 अक्टूबर को दिल्ली में ‘जंतर-मंतर 2.0’
बेंगलुरु के बाद आंदोलन का अगला बड़ा केंद्र दिल्ली बनने जा रहा है। CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन के सह-संयोजक सौरव दास ने बुधवार को दिल्ली पुलिस को प्रस्तावित प्रदर्शन की औपचारिक सूचना भी दी है।
CJP का कहना है कि प्रदर्शन का प्रमुख उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करना और चुनाव आयोग में व्यापक सुधार की मांग उठाना है। संगठन ने SIR को रोकने, जनवरी 2025 की मतदाता सूची बहाल करने और स्वतंत्र जांच कराने सहित कई मांगें रखी हैं।
सौरव दास ने कहा है कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के बाद भी उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा। उनके अनुसार संगठन चुनाव आयोग में संस्थागत सुधार की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेगा।
मुंबई के बाद कर्नाटक में बढ़ता आंदोलन
SIR के खिलाफ CJP पहले ही मुंबई के शिवाजी पार्क में बड़ा प्रदर्शन कर चुका है। 2 अक्टूबर को हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। अभिनेत्री शबाना आजमी, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और फिल्मकार विशाल भारद्वाज समेत कई चर्चित चेहरे भी वहां मौजूद रहे थे।
इसी प्रदर्शन के दौरान अभिजीत डिपके ने चेतावनी दी थी कि अगर CEC ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो दिल्ली में “जंतर-मंतर 2.0” जैसा बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
अब 8 अक्टूबर को बेंगलुरु और 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले कार्यक्रमों से यह आंदोलन एक नए चरण में प्रवेश करता दिखाई दे रहा है।
दिल्ली पुलिस ने भी बढ़ाई तैयारी
10 अक्टूबर के प्रस्तावित जंतर-मंतर प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने भी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस ने बसों की आवाजाही पर नजर रखने, प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों की निगरानी करने और नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
इस बीच CJP ने दिल्ली पुलिस से शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए सहयोग की अपील की है। संगठन का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होना और अपनी बात रखना लोकतांत्रिक अधिकार है।
SIR पर बढ़ती राजनीतिक और सामाजिक बहस
SIR को लेकर पहले से ही विपक्षी दलों और चुनाव आयोग के बीच विवाद चल रहा है। विपक्ष की ओर से मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग अपने स्तर पर प्रक्रिया को लेकर स्पष्टीकरण देता रहा है।
अब प्रकाश राज जैसे चर्चित सार्वजनिक चेहरे के खुलकर आंदोलन के समर्थन में आने से इस मुद्दे की राजनीतिक और सामाजिक गूंज और बढ़ सकती है।
8 अक्टूबर को बेंगलुरु का फ्रीडम पार्क और 10 अक्टूबर को दिल्ली का जंतर-मंतर—SIR के खिलाफ आंदोलन के अगले दो बड़े पड़ाव बनने जा रहे हैं। अब नजर इस बात पर होगी कि इन प्रदर्शनों में कितनी भीड़ जुटती है और चुनाव आयोग तथा सरकार की ओर से इस बढ़ते दबाव पर क्या प्रतिक्रिया आती है।



