राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | कोलकाता | 7 अक्टूबर 2026
पश्चिम बंगाल के नाम को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। BJP के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने बुधवार को साफ कहा कि पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर ‘पश्चिम बंगा’ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर पार्टी की स्थिति बिल्कुल स्पष्ट है और सत्ता में आने के बाद विधानसभा के पहले ही सत्र में नाम बदलने के लिए विधेयक लाया जाएगा।
पत्रकारों से बातचीत में जब उनसे नाम परिवर्तन को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, “कितनी बार कहूं भाई? नाम ‘पश्चिम बंगा’ होगा।” उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित नाम राज्य की ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखने से जुड़ा है।
BJP सत्ता में आई तो पहले सत्र में बिल
सामिक भट्टाचार्य इससे पहले भी कह चुके हैं कि यदि BJP पश्चिम बंगाल में सरकार बनाती है तो विधानसभा के पहले सत्र में ही नाम परिवर्तन से जुड़ा विधेयक पेश किया जाएगा।
उनके मुताबिक ‘पश्चिम बंगा’ नाम लागू होने के बाद ‘पश्चिम बंगला’, ‘बांग्ला’ और ‘बंगा’ जैसे अन्य नाम आधिकारिक रूप से इस्तेमाल नहीं किए जाएंगे।
हालांकि नाम परिवर्तन के लिए विधानसभा में विधेयक के साथ केंद्र और संसद की संवैधानिक प्रक्रिया भी जरूरी होगी। इसलिए BJP के सत्ता में आने की स्थिति में प्रस्तावित कदम को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करना होगा।
पहले भी उठ चुका है नाम बदलने का मुद्दा
पश्चिम बंगाल का नाम बदलने की बहस नई नहीं है। इससे पहले ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने राज्य का नाम ‘बांग्ला’ करने का प्रस्ताव रखा था।
तत्कालीन प्रस्ताव के पीछे तर्क था कि ‘West Bengal’ नाम के कारण अंग्रेजी वर्णक्रम में राज्य काफी नीचे आता है और स्थानीय स्तर पर इस्तेमाल होने वाले बंगाली नाम को आधिकारिक पहचान मिलनी चाहिए। हालांकि यह प्रस्ताव केंद्र की मंजूरी हासिल नहीं कर सका।
अब BJP की ओर से ‘पश्चिम बंगा’ नाम का प्रस्ताव सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में इस मुद्दे पर नई बहस शुरू हो सकती है।
नाम बदलने की देश में रही है परंपरा
भारत में पहले भी कई राज्यों के नाम ऐतिहासिक, भाषाई और सांस्कृतिक पहचान के आधार पर बदले जा चुके हैं। Orissa का नाम 2011 में Odisha किया गया था, जबकि Uttaranchal का नाम 2007 में Uttarakhand किया गया।
ऐसे में पश्चिम बंगाल के नाम को लेकर BJP का प्रस्ताव भी राज्य की ऐतिहासिक और भाषाई पहचान से जोड़कर पेश किया जा रहा है।
मोदी की तारीफ में भी बोले सामिक भट्टाचार्य
नाम परिवर्तन के अलावा BJP प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर दिए गए संबोधन की भी सराहना की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने सार्वजनिक जीवन की यात्रा और राष्ट्र के प्रति समर्पण की बात की। भट्टाचार्य के मुताबिक मोदी ने अपने संबोधन में स्वामी विवेकानंद और श्री अरविंद जैसे महापुरुषों का उल्लेख किया और उनका संदेश BJP के कार्यकर्ताओं से आगे भी लोगों को प्रेरित कर सकता है।
असम मदरसा बोर्ड के विलय का समर्थन
सामिक भट्टाचार्य ने असम सरकार के स्टेट मदरसा एजुकेशन बोर्ड को स्कूल सर्विस कमीशन के साथ विलय करने के फैसले का भी समर्थन किया।
उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को भी विज्ञान, गणित और अन्य आधुनिक विषयों की शिक्षा का समान अवसर मिलना चाहिए। उनका तर्क था कि मुस्लिम परिवारों के बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से अलग नहीं रखा जाना चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को विज्ञान और गणित पढ़ने का समान अवसर क्यों नहीं मिलना चाहिए।
BJP नेता ने इस कदम को समान और समावेशी शिक्षा की दिशा में उठाया गया कदम बताया और इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति के व्यापक उद्देश्य से जोड़ा।
नाम के सवाल पर अब अगली नजर विधानसभा पर
पश्चिम बंगाल के नाम को लेकर BJP के प्रदेश अध्यक्ष का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य की राजनीति में चुनावी गतिविधियां तेज हैं। BJP यदि सत्ता में आती है तो ‘पश्चिम बंगा’ नाम को लेकर विधानसभा में विधेयक लाने का दावा कर रही है।
अब बड़ा सवाल यही है कि क्या यह प्रस्ताव केवल चुनावी घोषणा तक सीमित रहता है या सत्ता परिवर्तन की स्थिति में इसे वास्तव में विधायी प्रक्रिया के जरिए आगे बढ़ाया जाता है।



