राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 7 अक्टूबर 2026
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का आंदोलन बुधवार को उस समय और उग्र हो गया, जब जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसदों को दिल्ली पुलिस ने रोक दिया। पुलिस की बैरिकेडिंग के बाद राहुल गांधी को हिरासत में लिया गया, जबकि प्रियंका गांधी वाड्रा सड़क पर लेट गईं और हाथ में संविधान लेकर विरोध जताया। कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है।
बुधवार की कार्रवाई मंगलवार के विरोध प्रदर्शन के ठीक अगले दिन हुई है। मंगलवार को संसद से निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर मार्च कर रहे विपक्षी सांसदों को पुलिस ने रोक दिया था। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं ने आकाशवाणी भवन परिसर में घंटों धरना दिया था। बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था।

लंच के बाद तीन बसों में जंतर-मंतर की ओर निकले सांसद
बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने जनपथ स्थित सागर रत्न में विपक्षी सांसदों के साथ लंच बैठक की। बैठक के बाद खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी सांसद तीन बसों में जंतर-मंतर की ओर रवाना हुए।
पुलिस ने ले मेरिडियन के आसपास बैरिकेड लगाकर बसों को रोक दिया। इसके बाद सांसद और कार्यकर्ता पैदल आगे बढ़ने लगे। जंतर-मंतर और मध्य दिल्ली के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई थी। दिल्ली पुलिस के साथ RAF और CISF की तैनाती की गई।
जंतर-मंतर पहुंचने से पहले ही पुलिस ने घेरा
विपक्षी सांसदों का कहना था कि जंतर-मंतर निर्धारित प्रदर्शन स्थल है और वे वहीं जाकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते हैं। कांग्रेस सांसद माणिकम टैगोर ने कहा कि उनकी मांग स्पष्ट है और वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करना चाहते हैं।
दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने कहा कि जंतर-मंतर पर BNSS की धारा 163 लागू है और बिना अनुमति मार्च या प्रदर्शन की इजाजत नहीं है। DCP सचिन शर्मा ने कहा कि बड़ी संख्या में सांसद और समर्थक तीन बसों में आ रहे थे और पुलिस को उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार तथा उचित प्रोटोकॉल बनाए रखने के निर्देश दिए गए थे।
सड़क पर लेट गईं प्रियंका, हाथ में संविधान
पुलिस द्वारा रास्ता रोके जाने के दौरान प्रदर्शन का सबसे चर्चित दृश्य सामने आया। प्रियंका गांधी वाड्रा सड़क पर लेट गईं और उनके हाथ में संविधान था। वह पुलिस द्वारा आगे बढ़ने से रोके जाने के बाद वहीं विरोध जताती रहीं।
इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तनाव बढ़ा। कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। विपक्षी नेताओं ने पुलिस पर बल प्रयोग और लाठीचार्ज का आरोप लगाया, जबकि पुलिस की ओर से कानून-व्यवस्था और अनुमति का हवाला दिया गया।
राहुल गांधी हिरासत में, बोले—‘हर FIR मेडल’
प्रदर्शन से पहले राहुल गांधी ने अपने खिलाफ दर्ज FIR को लेकर कहा कि उनके खिलाफ फिलहाल 45 FIR हैं और उनका लक्ष्य 100 FIR का है।
उन्होंने कहा, “हर FIR मेरे सीने पर एक मेडल है।” राहुल ने यह भी कहा कि FIR की संख्या बढ़ने के बावजूद संविधान से जुड़े मुद्दों पर उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
राहुल गांधी ने जंतर-मंतर जाने से पहले ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। उनके मुताबिक विपक्ष मतदाता सूची और SIR को लेकर सवाल उठा रहा है।
विपक्ष का आरोप—वोटर लिस्ट में गड़बड़ी
विपक्षी दलों का आरोप है कि Special Intensive Revision यानी SIR के दौरान मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में नाम हटाए जा रहे हैं। कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने दावा किया कि करीब 13 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं और इस आधार पर उन्होंने प्रधानमंत्री तथा मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफे की मांग की।
हालांकि यह विपक्ष की ओर से किया गया राजनीतिक दावा है, जिसे स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं पेश किया जा सकता।
खड़गे बोले—आंदोलन जारी रहेगा
लंच बैठक के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्ष अपना आंदोलन जारी रखेगा। उन्होंने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि विपक्ष जनता की आवाज देश तक पहुंचाने के लिए प्रदर्शन कर रहा है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी कहा कि INDIA गठबंधन और अन्य विपक्षी दल कथित ‘वोट चोरी’, SIR और परिसीमन के मुद्दे पर एकजुट हैं।
TMC सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने भी विपक्षी एकजुटता का दावा किया।
विपक्षी नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
CPI सांसद पी. संदोष ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए और हिरासत या लाठी किसी समस्या का समाधान नहीं है। TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
RJD सांसद मनोज झा ने प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज का आरोप लगाया। ये सभी विपक्षी नेताओं के आरोप हैं।
मंगलवार की FIR के बाद बढ़ा तनाव
मंगलवार के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य लोगों के खिलाफ आकाशवाणी भवन परिसर में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने के मामले में FIR दर्ज की है। मंगलवार को करीब नौ घंटे चले गतिरोध के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था और बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
चुनाव आयोग ने मंगलवार के घटनाक्रम के बाद कहा था कि उसे उस दिन शाम 4 बजे तक विपक्षी सांसदों से मुलाकात का अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ था।
CEC विवाद में नया मोड़
बुधवार की घटनाओं ने CEC ज्ञानेश कुमार, SIR और मतदाता सूची को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद को और सड़क पर ला दिया है। एक ओर विपक्ष ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR से जुड़े सवालों पर जवाब की मांग कर रहा है, वहीं पुलिस प्रदर्शन की अनुमति और कानून-व्यवस्था का हवाला दे रही है।
जंतर-मंतर की ओर बढ़ते राहुल गांधी की हिरासत और संविधान लेकर सड़क पर बैठीं प्रियंका गांधी की तस्वीरें अब बुधवार के पूरे राजनीतिक घटनाक्रम का सबसे बड़ा दृश्य बन गई हैं।



