अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | पेरेइरा, कोलंबिया | 12 अगस्त 2026
7.4 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही
दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में आए 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। स्थानीय अधिकारियों के अनुमानों के मुताबिक भूकंप में 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल और लापता बताए जा रहे हैं। सोमवार तड़के आए इस भीषण भूकंप ने देश के पश्चिमी हिस्से के कॉफी उत्पादक क्षेत्र को सबसे ज्यादा प्रभावित किया। कई शहरों में घर और इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं, कुछ ढांचे बुरी तरह झुक गए और कई जगह इमारतें पूरी तरह मलबे में बदल गईं।
मलबे में जिंदगी की तलाश
भूकंप के बाद सबसे बड़ी चुनौती मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचना है। बचावकर्मी क्रेन, एक्सकेवेटर और दूसरे भारी उपकरणों की मदद से ढही इमारतों को हटाने में जुटे हैं। कई जगहों पर हालात इतने कठिन हैं कि मशीनों के साथ-साथ बचावकर्मी अपने हाथों से भी मलबा हटाकर जिंदगी के संकेत तलाश रहे हैं। हर आवाज और हर हलचल के साथ उम्मीद बंधती है कि शायद कोई व्यक्ति अभी भी जिंदा हो और उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
कॉफी क्षेत्र में सबसे ज्यादा असर
भूकंप का सबसे गंभीर असर कोलंबिया के पश्चिमी कॉफी उत्पादक क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। आवासीय इमारतों के अलावा स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और दूसरे सार्वजनिक ढांचे भी इसकी चपेट में आए हैं। कई स्थानों पर बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने से राहत और बचाव दलों के सामने अतिरिक्त मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना भी प्रशासन की बड़ी चुनौती बनी हुई है।
दशकों का सबसे शक्तिशाली भूकंप
7.4 तीव्रता के इस भूकंप को कोलंबिया में दशकों में आए सबसे शक्तिशाली झटकों में बताया जा रहा है। इतनी तीव्रता के भूकंप ने कमजोर और पुराने ढांचों को भारी नुकसान पहुंचाया है। प्रशासन के सामने इस समय सबसे पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना, घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाना है।
रातभर जारी रहा बचाव अभियान
बचाव दलों ने सोमवार की रात से मंगलवार तक लगातार अभियान चलाया। अंधेरे और मलबे के बीच भी राहतकर्मी संभावित जीवित लोगों की तलाश करते रहे। कई स्थानों पर भारी मशीनों के इस्तेमाल के साथ हाथों से मलबा हटाया गया, ताकि उसके नीचे फंसे लोगों को नुकसान पहुंचाए बिना बाहर निकाला जा सके। बचावकर्मियों के लिए हर मिनट बेहद महत्वपूर्ण है।
मौत का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका
अधिकारियों के अनुसार मृतकों की संख्या 200 से अधिक हो चुकी है, लेकिन बचाव अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है। कई इलाकों में लोग अब भी लापता हैं और बड़ी संख्या में क्षतिग्रस्त इमारतों की जांच बाकी है। ऐसे में मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर भी घायलों की बढ़ती संख्या का दबाव पड़ रहा है।
मलबे के पास खड़े परिवार, आंखों में उम्मीद
भूकंप के बाद सबसे भावुक तस्वीरें उन परिवारों की हैं जो ढही हुई इमारतों के बाहर खड़े होकर अपने परिजनों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। बचाव दल जब मलबे का कोई हिस्सा हटाता है तो आसपास मौजूद लोगों की निगाहें उसी दिशा में टिक जाती हैं। किसी आवाज या हलचल की खबर उनके लिए उम्मीद की नई किरण बन जाती है। लेकिन समय बीतने के साथ चिंता भी गहराती जा रही है।
अब सामने है राहत और पुनर्वास की बड़ी चुनौती
तत्काल चुनौती लोगों को मलबे से निकालने और घायलों का इलाज कराने की है। लेकिन बचाव अभियान के बाद सरकार के सामने पुनर्वास की उससे भी बड़ी चुनौती होगी। जिन लोगों के घर और जरूरी ढांचे नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके लिए सुरक्षित आवास, भोजन, पानी, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। प्रभावित इलाकों को सामान्य स्थिति में लौटने में लंबा समय लग सकता है।
हर मिनट एक जिंदगी के लिए अहम
कोलंबिया का यह भूकंप सिर्फ मौत और तबाही का आंकड़ा नहीं है। मलबे के नीचे फंसे हर व्यक्ति के लिए गुजरता हुआ हर मिनट बेहद महत्वपूर्ण है। इसी उम्मीद में बचावकर्मी लगातार काम कर रहे हैं कि टूटे हुए कंक्रीट और लोहे के ढेर के बीच से किसी जिंदगी की आवाज सुनाई दे और इंतजार कर रहे किसी परिवार को उसका अपना सुरक्षित वापस मिल सके।




