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श्रीलंका में ईस्टर बम धमाकों पर बड़ा फैसला, 15 दोषियों को 220-220 साल की सजा

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | कोलंबो | 23 सितंबर 2026

श्रीलंका में 2019 के ईस्टर संडे बम धमाकों के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। एक तीन सदस्यीय पीठ ने 24 आरोपियों में से 15 को दोषी ठहराया है। इनमें से 14 लोगों को सभी आरोपों में दोषी पाया गया, जबकि 1 आरोपी कुछ आरोपों में दोषी ठहरा। अदालत ने प्रत्येक दोषी को 220 साल से अधिक की जेल की सजा सुनाई है।

फैसले के बाद दोषियों के वकील ने कहा कि सभी 15 लोग इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। यानी इतनी लंबी सजा के बावजूद मामला अभी कानूनी तौर पर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और अब ऊपरी अदालत में दोषसिद्धि और सजा को चुनौती दी जाएगी।

यह मामला 21 अप्रैल 2019 को श्रीलंका में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों से जुड़ा है। ईस्टर के दिन हुए इन हमलों में राजधानी कोलंबो समेत कई जगहों को निशाना बनाया गया था। हमलावरों ने 3 कैथोलिक चर्चों और 3 बड़े होटलों में विस्फोट किए थे। इन हमलों ने पूरे श्रीलंका को हिला दिया था और बड़ी संख्या में परिवारों ने अपने लोगों को खोया था।

हमलों में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भी मारे गए थे। इनमें 11 भारतीय नागरिक भी शामिल थे। हमलों के बाद 500 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। अलग-अलग रिपोर्टों में मृतकों की संख्या को लेकर अंतर रहा है, लेकिन अदालत के सामने यह मामला सैकड़ों लोगों की मौत से जुड़े सबसे गंभीर आतंकवादी मामलों में शामिल रहा है।

अदालत के अनुसार, जिन 15 लोगों को दोषी ठहराया गया है, उनके खिलाफ अभियोजन पक्ष ने हमलों में उनकी भूमिका से जुड़े आरोप साबित करने की कोशिश की थी। इनमें से 14 लोगों को सभी आरोपों में दोषी माना गया, जबकि 1 व्यक्ति को कुछ आरोपों में दोषी पाया गया। दूसरी ओर, 9 आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया।

इस मामले में हमलों को अंजाम देने वाले आत्मघाती हमलावर स्थानीय इस्लामी चरमपंथी संगठन नेशनल तौहीद जमात से जुड़े थे। इस संगठन के ISIS से संबंध बताए गए थे। 2019 के हमलों के बाद श्रीलंका में आतंकवाद और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लंबे समय तक गंभीर सवाल उठते रहे।

ईस्टर संडे के हमले केवल श्रीलंका की सुरक्षा व्यवस्था के लिए ही बड़ी चुनौती नहीं थे, बल्कि दक्षिण एशिया में आतंकवाद के खतरे को लेकर भी इन घटनाओं ने चिंता बढ़ाई थी। चर्चों और होटलों जैसे अलग-अलग स्थानों को निशाना बनाए जाने के कारण हमलों का असर पूरे देश में महसूस किया गया।

अब 7 साल से ज्यादा समय बाद अदालत का यह फैसला पीड़ित परिवारों के लिए लंबे समय से चल रही न्यायिक प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। हालांकि, 15 दोषियों की ओर से अपील किए जाने के कारण इस मामले में आगे भी कानूनी लड़ाई जारी रहेगी।

श्रीलंका में हुए उन धमाकों ने ईस्टर के दिन को मातम में बदल दिया था। अब अदालत ने 24 आरोपियों में से 15 को दोषी ठहराते हुए लंबी जेल की सजा सुनाई है, जबकि 9 आरोपियों को बरी किया गया है। लेकिन दोषियों की अपील के बाद इस मामले का अंतिम कानूनी अध्याय अभी बाकी है।

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