दिल्ली/ अपराध | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 23 सितंबर 2026
दिल्ली के कालकाजी इलाके के अस्था कुंज पार्क में 17 साल की लड़की के साथ हुए गैंगरेप के बाद राजधानी के सभी पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी गई है। दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने बुधवार को दिल्ली के सभी पार्कों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्देश दिया है। यह ऑडिट एक सप्ताह के भीतर पूरा करने को कहा गया है।
उपराज्यपाल ने सुरक्षा व्यवस्था में कई जरूरी बिंदुओं पर खास ध्यान देने को कहा है। इनमें पार्कों में पर्याप्त रोशनी, सुरक्षा व्यवस्था, नियमित पुलिस गश्त और साफ-सफाई शामिल हैं। इसके साथ ही पार्कों के आसपास Pink Police की तैनाती करने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जा सके।
Pink Police क्या है? Pink Police आम तौर पर महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान देने वाली पुलिस व्यवस्था है। इसमें महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाती है, ताकि महिलाओं को सुरक्षा संबंधी शिकायत दर्ज कराने, मदद लेने और आपात स्थिति में पुलिस तक पहुंचने में आसानी हो। अलग-अलग राज्यों और शहरों में Pink Police की व्यवस्था और उसका नाम या काम करने का तरीका अलग हो सकता है। दिल्ली में पार्कों के आसपास इसकी तैनाती का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस की मौजूदगी और निगरानी बढ़ाना है।
उपराज्यपाल ने इस मामले को लेकर दिल्ली पुलिस कमिश्नर, Municipal Corporation of Delhi यानी MCD के कमिश्नर और Delhi Development Authority यानी DDA के उपाध्यक्ष के साथ बैठक की। बैठक में राजधानी के पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था और हाल की घटना के बाद उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा हुई।
अस्था कुंज पार्क में 21 सितंबर की रात 17 साल की लड़की के साथ अपराध की घटना सामने आई थी। पुलिस के अनुसार, 3 लोग पुलिसकर्मी बनकर पार्क में पहुंचे थे। उन्होंने लड़की और उसके 17 साल के पुरुष मित्र को रोका और इसके बाद लड़की को पार्क के एक सुनसान हिस्से में ले जाया गया। मामले की जांच में POCSO समेत संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ने के दौरान मुठभेड़ की बात कही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पुलिस टीम पर गोली चलाई थी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घटना के बाद मौके पर Forensic टीम ने पहुंचकर सबूत जुटाए और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
इस घटना के बाद अस्था कुंज पार्क की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कुछ स्थानीय निवासियों ने बताया है कि पार्क में सुरक्षा को लेकर चिंता नई नहीं है। इसी पृष्ठभूमि में DDA भी पार्क की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है।
अब उपराज्यपाल के निर्देश के बाद सिर्फ अस्था कुंज ही नहीं, बल्कि दिल्ली के सभी पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था को जांच के दायरे में लाया गया है। ऑडिट में यह देखा जाएगा कि पार्कों में पर्याप्त रोशनी है या नहीं, रात के समय पुलिस गश्त कितनी नियमित है, प्रवेश और निकास की व्यवस्था कैसी है और ऐसी जगहों पर सुरक्षा में कोई बड़ी कमी तो नहीं है जहां आम लोगों की आवाजाही कम रहती है।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सार्वजनिक पार्कों में शाम और रात के समय रोशनी, पुलिस गश्त और निगरानी की कमी जैसी समस्याएं सुरक्षा को प्रभावित कर सकती हैं। अब प्रशासन की कोशिश है कि सुरक्षा व्यवस्था को केवल घटना के बाद सक्रिय करने के बजाय पहले से मजबूत किया जाए।
अस्था कुंज की घटना ने एक बार फिर यह सवाल सामने रखा है कि राजधानी के सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा कितनी मजबूत है। अब सभी पार्कों का सुरक्षा ऑडिट, Pink Police की तैनाती और नियमित गश्त से यह देखने की चुनौती होगी कि इन निर्देशों का जमीन पर कितना असर दिखाई देता है।



