राष्ट्रीय/महाराष्ट्र | अमरनाथ प्रसाद | ABC NATIONAL NEWS | मुंबई | 16 मई 2026
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में अवैध रूप से चल रही बाइक टैक्सी सेवाओं के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए Google और Apple को पत्र लिखकर Uber, Ola और Rapido जैसे ऐप्स को अपने ऐप स्टोर से हटाने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि बिना वैध अनुमति और सुरक्षा मानकों के संचालित हो रही बाइक टैक्सी सेवाएं यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन रही हैं।
महाराष्ट्र साइबर विभाग की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि कई ऐप-आधारित प्लेटफॉर्म बिना आवश्यक सरकारी मंजूरी और मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों का पालन किए बड़े पैमाने पर बाइक टैक्सी सेवाएं चला रहे हैं। विभाग के मुताबिक इन सेवाओं में ड्राइवर वेरिफिकेशन, इंश्योरेंस, महिला सुरक्षा और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम जैसी जरूरी व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं हैं।
सरकार ने यह भी कहा कि हाल ही में एक महिला की मौत से जुड़ी घटना ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है। आरोप है कि संबंधित महिला की मौत एक ऐप आधारित बाइक टैक्सी सेवा के दौरान हुई, जिसके बाद इस मामले में आपराधिक केस दर्ज किया गया। राज्य के विभिन्न हिस्सों से भी इसी तरह की शिकायतें सामने आने की बात कही गई है।
महाराष्ट्र साइबर विभाग ने Google और Apple को भेजे पत्र में कहा है कि ये सेवाएं मुख्य रूप से व्यावसायिक लाभ के लिए चलाई जा रही हैं, जबकि राज्य के कानूनी ढांचे और परिवहन नियमों की अनदेखी की जा रही है। विभाग ने ऐप स्टोर्स से इन प्लेटफॉर्म्स की उपलब्धता बंद करने और लोगों की पहुंच रोकने की मांग की है।
नोटिस में चेतावनी देते हुए कहा गया है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं की गई और भविष्य में कोई गैर-कानूनी या नुकसान पहुंचाने वाली घटना होती है, तो संबंधित प्लेटफॉर्म और कंपनियों को भी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
इस बीच महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने साइबर विभाग को निर्देश दिया है कि राज्य में अवैध बाइक टैक्सी संचालन को लेकर Ola, Uber और Rapido के खिलाफ FIR दर्ज की जाए।
हालांकि सोशल मीडिया पर यह दावा किया जाने लगा कि महाराष्ट्र में Ola, Uber और Rapido की सभी सेवाएं बंद की जा रही हैं, लेकिन राज्य सरकार ने इस पर सफाई दी है। महाराष्ट्र के सूचना एवं जनसंपर्क महानिदेशालय (DGIPR) ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल अवैध बाइक टैक्सी सेवाओं तक सीमित है और इन कंपनियों की अन्य कैब सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी।
राजनीतिक और परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम आने वाले समय में ऐप-आधारित परिवहन सेवाओं के लिए नए नियमों और सख्त नियमन की शुरुआत साबित हो सकता है। वहीं दूसरी ओर लाखों बाइक टैक्सी ड्राइवरों और यात्रियों के सामने रोजगार और सस्ती यात्रा के विकल्प को लेकर भी नई चिंता खड़ी हो गई है।



