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क्या देश की तरक्की में सहयोग करना सजा है? परिसीमन पर स्टालिन बोले आग से खेल रही BJP

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 15 अप्रैल 2026

दक्षिण भारत की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। M. K. Stalin ने परिसीमन (Delimitation) के मुद्दे पर केंद्र सरकार और Bharatiya Janata Party पर सीधा और आक्रामक हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा—“क्या भारत की प्रगति में योगदान देना अब सजा बन गया है?” स्टालिन का यह बयान न सिर्फ राजनीतिक है, बल्कि उत्तर और दक्षिण भारत के बीच बढ़ती असहमति को भी उजागर करता है।

स्टालिन ने स्पष्ट तौर पर आरोप लगाया कि प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया दक्षिण भारत के राज्यों के साथ अन्याय कर सकती है। उनका कहना है कि जिन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण के क्षेत्र में बेहतर काम किया, आज वही राज्य राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मामले में नुकसान झेलने की स्थिति में आ सकते हैं। उन्होंने इसे “अन्यायपूर्ण और असंतुलित” करार देते हुए कहा कि यह कदम देश की संघीय संरचना को कमजोर कर सकता है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे अंदाज़ में कहा कि “BJP आग से खेल रही है।” उनका इशारा साफ था—यदि परिसीमन के जरिए सीटों का बंटवारा केवल जनसंख्या के आधार पर किया गया, तो दक्षिण भारत के राज्यों की राजनीतिक ताकत घटेगी और उत्तर भारत का वर्चस्व बढ़ेगा। यह संतुलन बिगड़ने से राष्ट्रीय एकता पर भी असर पड़ सकता है।

स्टालिन ने यह भी कहा कि दक्षिण भारत ने आर्थिक विकास, टैक्स योगदान और सामाजिक सूचकांकों में देश को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है। इसके बावजूद अगर उन्हें ही राजनीतिक रूप से कमजोर किया जाता है, तो यह न केवल अन्याय होगा बल्कि “देश के मेहनती राज्यों को सजा देने जैसा” होगा।

इस पूरे विवाद के बीच विपक्षी दल भी धीरे-धीरे इस मुद्दे पर एकजुट होते नजर आ रहे हैं। कई दक्षिणी राज्यों में यह भावना मजबूत हो रही है कि परिसीमन के नाम पर राजनीतिक समीकरण बदले जा रहे हैं। आने वाले समय में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा केंद्र बन सकता है, खासकर तब जब 2026 के बाद परिसीमन की प्रक्रिया को लेकर चर्चाएं तेज होने वाली हैं।

फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन स्टालिन के बयान ने राजनीतिक तापमान जरूर बढ़ा दिया है। अब देखना यह होगा कि यह विवाद सिर्फ बयानबाज़ी तक सीमित रहता है या फिर देशव्यापी राजनीतिक टकराव का रूप लेता है।

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