अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | मॉस्को/तेहरान | 15 अप्रैल 2026
मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच रूस ने खुलकर ईरान के पक्ष में बयान दिया है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि खाड़ी देशों को भी यह समझ है कि अगर ईरान ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद किया, तो उसके पीछे “अमेरिकी आक्रामकता” एक बड़ा कारण है। लावरोव का यह बयान ऐसे समय आया है जब हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। यह वही समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस गुजरता है। मौजूदा संकट ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को भी हिला कर रख दिया है।
रूस का यह रुख साफ संकेत देता है कि वह इस पूरे विवाद को केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय शक्ति संघर्ष के रूप में देख रहा है। लावरोव ने यह भी इशारा किया कि पश्चिमी देशों की नीतियों ने ही हालात को इस मोड़ तक पहुंचाया है, जहां अब टकराव खुलकर सामने आ रहा है।
अमेरिका द्वारा हाल ही में ईरान के खिलाफ सख्त कदम—जिसमें समुद्री नाकेबंदी और सैन्य दबाव शामिल हैं—ने स्थिति को और भड़का दिया है। अमेरिकी कार्रवाई के चलते कई जहाजों को वापस लौटना पड़ा और पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
ईरान पहले ही चेतावनी दे चुका है कि वह अपनी सुरक्षा और हितों से समझौता नहीं करेगा। वहीं, रूस और चीन जैसे देश लगातार कूटनीतिक समाधान की बात कर रहे हैं और अमेरिकी रणनीति पर सवाल उठा रहे हैं।
लावरोव का यह बयान केवल समर्थन नहीं, बल्कि एक बड़ा भू-राजनीतिक संदेश है—जिसमें रूस यह दिखाना चाहता है कि वह पश्चिमी दबाव के खिलाफ ईरान के साथ खड़ा है।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर जारी टकराव अब वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। ऐसे में दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूटनीति इस संकट को थाम पाएगी या हालात और ज्यादा बिगड़ेंगे।



