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IDF पर संकट के बादल: सेना प्रमुख का अलर्ट—सैनिकों की कमी से अंदर से ढह सकती है इजरायली फौज

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | यरुशलम | 27 मार्च 2026

इजराइल की सेना को लेकर एक बेहद गंभीर चेतावनी सामने आई है। इजराइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ एयाल ज़ामिर ने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक में साफ कहा है कि लगातार कई मोर्चों पर चल रहे सैन्य अभियानों के कारण सेना पर भारी दबाव है और अगर हालात नहीं संभले तो IDF “अंदर से ढह” सकती है। उन्होंने बताया कि गाजा, लेबनान, सीरिया, वेस्ट बैंक और ईरान से जुड़े ऑपरेशन्स के चलते सैनिकों की भारी कमी हो गई है, जो अब एक गंभीर चुनौती बन चुकी है।

सूत्रों के मुताबिक, रिजर्व फोर्सेज पर भी लगातार दबाव बढ़ रहा है और वे अब और अधिक बोझ उठाने की स्थिति में नहीं हैं। भर्ती से जुड़े मुद्दों—खासकर हरेदी (अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स) यहूदियों की सैन्य सेवा, रिजर्व कानून में बदलाव और सेवा अवधि बढ़ाने जैसे फैसलों में देरी—को लेकर भी सेना प्रमुख ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि हालात ऐसे हो गए हैं कि शांतिकाल में भी कई फ्रंट्स पर सैनिकों की कमी महसूस की जा रही है, जिससे ऑपरेशन में गैप बढ़ रहे हैं।

इसी बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की रणनीति पर भी सवाल उठने लगे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि ईरान के खिलाफ चल रहे अभियान में दोनों नेताओं ने तेहरान की ताकत और प्रतिक्रिया को कम आंका। उन्हें उम्मीद थी कि हमलों के बाद ईरान के अंदर बड़ा विरोध खड़ा होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और तीन हफ्ते बाद भी ईरान मजबूती से जवाब दे रहा है।

ट्रंप के हालिया बयान—जिसमें उन्होंने ईरानी तेल पर कब्जे को एक विकल्प बताया—और नेतन्याहू के दावों के बावजूद जमीनी हालात अलग नजर आ रहे हैं। संघर्ष कम होने के बजाय और जटिल होता जा रहा है, जिससे पूरे मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ गया है।

तेजी से बदलते हालात के बीच अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या इजराइल अपनी सैन्य चुनौतियों को संभाल पाएगा या यह संकट और गहरा सकता है।

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