[the_ad id="179"]
Home » Politics » राज्यपाल ने भंग की पश्चिम बंगाल विधानसभा, ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से किया इनकार

राज्यपाल ने भंग की पश्चिम बंगाल विधानसभा, ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से किया इनकार

राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | कोलकाता | 8 मई 2026

पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा संवैधानिक और राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। राज्यपाल ने पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग करने का फैसला ले लिया है, जबकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अब तक अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है। इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और पूरे देश की नजरें अब कोलकाता पर टिक गई हैं। चुनाव परिणाम आने के बाद से ही सत्ता गठन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। विपक्ष लगातार दावा कर रहा था कि ममता बनर्जी सरकार बहुमत खो चुकी है, जबकि तृणमूल कांग्रेस की ओर से चुनाव प्रक्रिया और वोटिंग को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे थे। इसी बीच राज्यपाल ने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए विधानसभा भंग करने का निर्णय लिया। ममता बनर्जी ने राज्यपाल के फैसले के बावजूद तुरंत इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है।

तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि मामला अभी कानूनी और संवैधानिक प्रक्रिया के दायरे में है और पार्टी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है। पार्टी नेताओं का दावा है कि चुनाव प्रक्रिया में कई अनियमितताओं और मतदाता सूची को लेकर गंभीर शिकायतें पहले ही उठाई जा चुकी हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ममता बनर्जी का इस्तीफा न देना सिर्फ राजनीतिक संदेश नहीं बल्कि एक संवैधानिक रणनीति भी माना जा रहा है। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे सरकार के दौरान हुए घटनाक्रम का उदाहरण देते हुए कई नेता यह तर्क दे रहे हैं कि जब तक फ्लोर टेस्ट और कानूनी प्रक्रिया पूरी न हो जाए, तब तक मुख्यमंत्री पद छोड़ना राजनीतिक रूप से नुकसानदायक साबित हो सकता है।

बीजेपी ने राज्यपाल के फैसले का स्वागत किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जनता ने बदलाव के लिए वोट दिया था और अब संवैधानिक प्रक्रिया के तहत नई सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस ने इसे “लोकतंत्र पर हमला” बताते हुए विरोध तेज कर दिया है।

कोलकाता समेत कई जिलों में तृणमूल समर्थकों ने प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जनादेश को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। वहीं प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

राजनीतिक हलकों में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मामला सुप्रीम कोर्ट तक जाएगा और क्या बंगाल में दोबारा चुनाव की स्थिति बन सकती है। फिलहाल पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच चुकी है, जहां हर कदम का असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *