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वोट चोरी से कभी सीटें, कभी पूरी सरकार चुराई जाती है : राहुल गांधी

राजनीति | अवधेश झा | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 7 मई 2026

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया और बीजेपी पर बड़ा हमला बोला है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाया कि देश में वोट चोरी के जरिए कभी सीटें तो कभी पूरी सरकार तक “चुराई” जा रही है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस शुरू हो गई है। राहुल गांधी ने अपने X पोस्ट में लिखा, “वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं, कभी पूरी सरकार।” उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में बीजेपी के 240 सांसदों में से “मोटे तौर पर हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता है।” राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि अगर बीजेपी की भाषा में कहा जाए तो ऐसे लोगों को “घुसपैठिया” कहा जा सकता है।

अपने पोस्ट में राहुल गांधी ने हरियाणा का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि वहां “पूरी सरकार ही घुसपैठिया है।” कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि कुछ संस्थाओं को नियंत्रित करके मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि जो संस्थाएं चुनावी प्रक्रिया को तोड़-मरोड़ देती हैं, वे खुद “remote controlled” हैं।

राहुल गांधी ने आगे दावा किया कि सत्ताधारी दल को “सच्चाई से डर” है। उन्होंने कहा कि यदि देश में पूरी तरह निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं, तो बीजेपी 140 सीटों के आसपास भी नहीं पहुंच पाएगी। उनके इस बयान को विपक्ष की तरफ से चुनावी पारदर्शिता और संस्थाओं की स्वतंत्रता को लेकर चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।

कांग्रेस और विपक्षी दल पिछले कुछ समय से लगातार चुनाव आयोग, मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। पश्चिम बंगाल, हरियाणा और अन्य राज्यों के चुनाव परिणामों के बाद विपक्षी दलों ने कई जगह वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप के आरोप लगाए थे। राहुल गांधी पहले भी कई बार कह चुके हैं कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाया जा रहा है और चुनावी व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है।

वहीं बीजेपी ने राहुल गांधी के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस अपनी हार को स्वीकार नहीं कर पा रही और जनता के जनादेश पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। बीजेपी नेताओं ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और उस पर इस तरह के आरोप लगाना लोकतंत्र को कमजोर करने जैसा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले चुनावी पारदर्शिता, मतदाता सूची और संस्थाओं की निष्पक्षता जैसे मुद्दे राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में रह सकते हैं। राहुल गांधी लगातार इन मुद्दों को उठाकर विपक्षी दलों को एक साझा नैरेटिव देने की कोशिश कर रहे हैं। राहुल गांधी का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

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