अंतरराष्ट्रीय / पश्चिम एशिया / कूटनीति | ABC NATIONAL NEWS | अंकारा / वॉशिंगटन | 21 मई 2026
तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्धविराम को आगे बढ़ाने के अमेरिकी फैसले का स्वागत किया है। तुर्किये के राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार एर्दोगन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत में कहा कि वह युद्धविराम विस्तार को सकारात्मक कदम मानते हैं और उन्हें विश्वास है कि अमेरिका तथा ईरान के बीच विवादित मुद्दों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए निकाला जा सकता है।
एर्दोगन का यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया एक बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम लागू होने के बावजूद तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे को चेतावनी दे रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप हाल के दिनों में कई बार कह चुके हैं कि यदि समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका दोबारा सैन्य कार्रवाई कर सकता है। वहीं ईरान ने भी साफ संकेत दिए हैं कि किसी नए हमले की स्थिति में जवाब पहले से कहीं अधिक बड़ा होगा।
तुर्किये लगातार इस पूरे संकट में मध्यस्थ और संतुलनकारी भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। एर्दोगन पहले भी कह चुके हैं कि क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए युद्धविराम को पूरी तरह लागू करना और वार्ता जारी रखना जरूरी है। तुर्किये पाकिस्तान, सऊदी अरब और अन्य क्षेत्रीय देशों के साथ मिलकर कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं को आगे बढ़ा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि एर्दोगन का यह रुख केवल शांति की अपील नहीं, बल्कि तुर्किये की व्यापक रणनीतिक सोच का हिस्सा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी संकट, तेल कीमतों में उछाल और वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़ रहे असर ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। तुर्किये नहीं चाहता कि पश्चिम एशिया का यह संघर्ष और अधिक फैलकर वैश्विक आर्थिक संकट का कारण बने।
फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका-ईरान वार्ता पर टिकी हुई है। यदि बातचीत सफल होती है तो यह पश्चिम एशिया को बड़े युद्ध से बचा सकती है, लेकिन यदि वार्ता विफल हुई तो क्षेत्र एक बार फिर व्यापक सैन्य टकराव और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता की तरफ बढ़ सकता है।




