स्वास्थ्य | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 26 अक्टूबर 2026
स्तन कैंसर महिलाओं में होने वाली गंभीर बीमारियों में से एक है। लेकिन अगर इसके लक्षणों को समय पर पहचान लिया जाए, तो इलाज में मदद मिल सकती है। जरूरी नहीं कि स्तन कैंसर होने पर दर्द भी हो। कई बार शरीर में छोटे-छोटे बदलाव दिखाई देते हैं, जिन्हें महिलाएं अनदेखा कर देती हैं।
डॉक्टरों की सलाह है कि हर महिला को अपने स्तनों में होने वाले बदलावों पर ध्यान देना चाहिए। अगर कोई नया बदलाव दिखाई दे, तो घबराएं नहीं, बल्कि डॉक्टर से जांच कराएं।
मणिपाल हॉस्पिटल्स के कैंसर विशेषज्ञ डॉ. सुरेंद्र कुमार डाबस के मुताबिक, दोनों स्तनों का आकार थोड़ा अलग होना आम बात है। लेकिन अगर अचानक एक स्तन का आकार बदलने लगे या दोनों के बीच का अंतर बढ़ जाए, तो इसकी जांच जरूरी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, वर्ष 2024 में दुनिया भर में करीब 24 लाख महिलाओं में स्तन कैंसर का पता चला। यह आंकड़ा बताता है कि इस बीमारी के प्रति जागरूक रहना कितना जरूरी है।
स्तन में ये 6 बदलाव दिखें तो सावधान हो जाएं
1\. स्तन के आकार में अचानक बदलाव
अगर एक स्तन अचानक बड़ा या छोटा दिखने लगे या उसकी बनावट बदल जाए, तो डॉक्टर को दिखाएं। दोनों स्तनों का थोड़ा अलग होना सामान्य है, लेकिन नया बदलाव नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
2\. गांठ महसूस होना
अगर स्तन में कोई गांठ या सख्त हिस्सा महसूस हो, तो उसकी जांच कराएं। गांठ में दर्द होना जरूरी नहीं है। हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन जांच के बिना इसका सही कारण पता नहीं चल सकता।
3\. त्वचा पर गड्ढे पड़ना या लाल होना
अगर स्तन की त्वचा पर गड्ढे दिखने लगें, लालिमा आ जाए या त्वचा संतरे के छिलके जैसी दिखने लगे, तो डॉक्टर से सलाह लें। खासकर तब, जब यह बदलाव नया हो।
4\. निप्पल का अंदर की ओर मुड़ना
निप्पल स्तन का वह हिस्सा है, जहां से बच्चे को दूध पिलाया जाता है। अगर पहले निप्पल सामान्य था, लेकिन अब अचानक अंदर की ओर मुड़ने लगे, तो इसकी जांच करानी चाहिए।
5\. निप्पल से खून या दूसरा तरल निकलना
अगर बिना दबाए निप्पल से अपने आप खून या कोई दूसरा तरल निकलता है, तो इसे नजरअंदाज न करें। इसके कई कारण हो सकते हैं, इसलिए डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
6\. बदलाव का लंबे समय तक बने रहना
अगर स्तन में कोई गांठ, त्वचा में बदलाव या निप्पल से जुड़ी परेशानी लगातार बनी रहे या बढ़ती जाए, तो डॉक्टर को दिखाएं। यह सोचकर इंतजार न करें कि परेशानी अपने आप ठीक हो जाएगी।
हर बदलाव का मतलब कैंसर नहीं
डॉक्टर के मुताबिक, दोनों स्तनों का आकार अलग होने के कई सामान्य कारण हो सकते हैं। उम्र बढ़ने, किशोरावस्था में शरीर के विकास, गर्भावस्था, हार्मोन में बदलाव या पुरानी चोट के कारण भी स्तनों का आकार बदल सकता है।
स्तन में पानी से भरी छोटी गांठ भी हो सकती है, जो कैंसर नहीं होती। इसलिए किसी बदलाव को देखकर घबराने की जरूरत नहीं है। सही जानकारी के लिए डॉक्टर से जांच कराना सबसे अच्छा तरीका है।
डॉक्टर कौन-कौन सी जांच कर सकते हैं?
सबसे पहले डॉक्टर स्तनों की जांच करेंगे और बदलाव के बारे में पूछेंगे। जरूरत पड़ने पर मैमोग्राम या अल्ट्रासाउंड कराया जा सकता है। यदि किसी जगह पर शक होता है, तो डॉक्टर बायोप्सी की सलाह दे सकते हैं। इसमें स्तन के छोटे से हिस्से का नमूना लेकर जांच की जाती है।
दर्द होने का इंतजार न करें
स्तन में गांठ हो, त्वचा में बदलाव दिखे या निप्पल से खून निकले, तो डॉक्टर से जल्द संपर्क करें। स्तन कैंसर के हर मामले में दर्द होना जरूरी नहीं है। इसलिए केवल दर्द न होने के कारण जांच को टालना सही नहीं है।
याद रखें, समय पर जांच कराने से बीमारी का पता लगाने और सही इलाज शुरू करने में मदद मिल सकती है। अपने शरीर में होने वाले बदलावों पर ध्यान दें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेने में देर न करें।
यह खबर केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी लक्षण या परेशानी में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।



