अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | ब्रासीलिया / बीजिंग / वॉशिंगटन | 4 जून 2026
चीन से मिली राहत, अमेरिका से बढ़ा व्यापारिक तनाव
ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने अमेरिका द्वारा प्रस्तावित नए टैरिफ पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट कहा है कि यदि अमेरिका ब्राजील के उत्पाद नहीं खरीदना चाहता तो दुनिया में और भी बड़े बाजार मौजूद हैं। लूला का यह बयान ऐसे समय आया है जब चीन ने ब्राजील के पूरे क्षेत्र को फुट-एंड-माउथ रोग से मुक्त मानते हुए उसके गोमांस निर्यात के लिए अपने विशाल बाजार के दरवाजे और अधिक खोल दिए हैं। एक तरफ बीजिंग से आर्थिक राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर वॉशिंगटन ने नए व्यापारिक प्रतिबंधों का संकेत देकर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा दिया है।
लूला का ट्रम्प को सीधा संदेश
ब्रासीलिया में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लूला ने कहा कि वे अमेरिकी फैसले पर रोने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, “अगर आप हमसे खरीदना नहीं चाहते तो अपनी चीजें अपने पास रखिए, मैं अपना माल किसी और को बेच दूंगा।” लूला ने यह भी कहा कि ब्राजील अब ऐसा देश नहीं रहा जिसे कोई भी महाशक्ति अपनी शर्तों पर झुका सके। उन्होंने दो टूक कहा कि ब्राजील एक लोकतांत्रिक, संप्रभु और आत्मसम्मानी राष्ट्र है तथा वह किसी “तुच्छ छोटे गणराज्य” जैसा व्यवहार स्वीकार नहीं करेगा।
चीन ने पूरे ब्राजील के गोमांस को दी मंजूरी
चीन के सीमा शुल्क प्रशासन और कृषि मंत्रालय ने ब्राजील के पूरे देश को फुट-एंड-माउथ रोग से मुक्त घोषित कर दिया है। इससे पहले केवल कुछ राज्यों को ही यह मान्यता प्राप्त थी। इस फैसले के बाद अब ब्राजील के सभी क्षेत्रों के पशुपालक और निर्यातक चीन के बाजार तक पहुंच बना सकेंगे। यह घोषणा ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा की बीजिंग यात्रा के दौरान की गई। चीन पहले से ही ब्राजील के गोमांस का सबसे बड़ा खरीदार है और यह फैसला ब्राजील के कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
अरबों डॉलर के व्यापार को मिलेगा नया विस्तार
ब्राजीलियन एसोसिएशन ऑफ बीफ एक्सपोर्टिंग इंडस्ट्रीज के अनुसार 2025 में चीन ने ब्राजील से लगभग 16.8 लाख टन गोमांस खरीदा था, जिसकी कुल कीमत करीब 8.9 अरब डॉलर रही। यह ब्राजील के कुल गोमांस निर्यात का लगभग 48 प्रतिशत हिस्सा था। हालांकि चीन ने वार्षिक आयात कोटा और अतिरिक्त शुल्क जैसी कुछ शर्तें भी लागू रखी हैं, फिर भी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय ब्राजील के निर्यात क्षेत्र को बड़ा प्रोत्साहन देगा।
अमेरिका ने 25 प्रतिशत नए टैरिफ का प्रस्ताव रखा
चीन की सकारात्मक घोषणा के बीच अमेरिका ने ब्राजील के कुछ उत्पादों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय का आरोप है कि ब्राजील की कुछ व्यापारिक और नियामकीय नीतियां अमेरिकी हितों के खिलाफ हैं। अमेरिका ने अवैध वनों की कटाई, एथेनॉल बाजार में सीमित पहुंच और श्रम कानूनों के अनुपालन से जुड़े मुद्दों को आधार बनाकर यह कदम उठाया है। इसके अलावा कथित जबरन श्रम से जुड़े उत्पादों पर अतिरिक्त 12.5 प्रतिशत शुल्क लगाने का प्रस्ताव भी सामने आया है।
व्यापार वार्ता जारी, लेकिन मतभेद कायम
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि पिछले एक वर्ष में राष्ट्रपति ट्रम्प और राष्ट्रपति लूला के बीच कई सकारात्मक वार्ताएं हुई हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच अभी भी महत्वपूर्ण मतभेद बने हुए हैं। पेरिस में OECD की बैठक के दौरान अमेरिकी और ब्राजीलियाई अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा भी हुई। दोनों पक्ष संवाद जारी रखने पर सहमत हैं, लेकिन फिलहाल कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।
मार्को रुबियो पर लूला का पलटवार
तनाव केवल व्यापार तक सीमित नहीं है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हाल ही में कहा था कि ब्राजील अमेरिका का मित्रवत देश नहीं है। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए लूला ने रुबियो को “हताश लैटिनो” करार दिया और कहा कि वे न तो लैटिन अमेरिका को पसंद करते हैं और न ही ब्राजील को। लूला ने कहा कि ब्राजील किसी भी प्रकार के दबाव या धमकी के आगे झुकने वाला नहीं है और राष्ट्रीय सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगा।
चीन-अमेरिका प्रतिस्पर्धा का नया केंद्र बना ब्राजील
यह पूरा घटनाक्रम लैटिन अमेरिका में चीन और अमेरिका के बीच बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा को भी उजागर करता है। चीन पिछले कुछ वर्षों में ब्राजील समेत पूरे क्षेत्र में व्यापार, निवेश और बुनियादी ढांचे के जरिए अपना प्रभाव बढ़ा रहा है। वहीं अमेरिका अपने पारंपरिक प्रभाव क्षेत्र में चीन की बढ़ती मौजूदगी को लेकर चिंतित है। ऐसे में ब्राजील दोनों महाशक्तियों के बीच संतुलन बनाते हुए अपने आर्थिक हितों को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहा है।
चुनावी राजनीति पर भी पड़ेगा असर
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब ब्राजील में नवंबर 2026 में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं। लूला दा सिल्वा को पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे और सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो से चुनौती मिलने की संभावना है। ऐसे में अमेरिका के साथ बढ़ता व्यापारिक तनाव और चीन के साथ मजबूत होते आर्थिक संबंध चुनावी बहस का प्रमुख विषय बन सकते हैं।
बदलती वैश्विक राजनीति में ब्राजील का संतुलन
चीन द्वारा बाजार खोलने और अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाने की घटनाएं वैश्विक शक्ति संतुलन में हो रहे बदलावों को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं। जहां बीजिंग ब्राजील के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है, वहीं वॉशिंगटन दबाव की रणनीति अपनाता दिखाई दे रहा है। राष्ट्रपति लूला का संदेश स्पष्ट है कि ब्राजील किसी एक बाजार पर निर्भर नहीं रहेगा और अपने आर्थिक तथा रणनीतिक हितों की रक्षा के लिए दुनिया के सभी विकल्प खुले रखेगा। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ब्राजील चीन और अमेरिका के बीच किस प्रकार संतुलन बनाकर आगे बढ़ता है।




