राष्ट्रीय / शिक्षा | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 2 जून 2026
CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर देशभर में उठे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए CBSE चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया है। साथ ही OSM सेवाओं की खरीद प्रक्रिया और उससे जुड़े मामलों की जांच के लिए एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है।
कक्षा 12 के परिणाम घोषित होने के बाद CBSE लगातार छात्रों, अभिभावकों और विपक्षी दलों के निशाने पर था। बड़ी संख्या में छात्रों ने मूल्यांकन में गड़बड़ी, अपेक्षा से कम अंक मिलने और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में तकनीकी खामियों की शिकायत की थी। इसी विवाद के केंद्र में नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी स्थायी समिति ने भी CBSE और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया था। समिति की अध्यक्षता कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह कर रहे हैं।
इस वर्ष CBSE का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत घटकर 85.29 प्रतिशत रह गया है, जबकि पिछले वर्ष यह 88.39 प्रतिशत था। 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल और तेज हो गए।
सरकार की ओर से गठित जांच समिति OSM प्रणाली की खरीद, क्रियान्वयन और मूल्यांकन प्रक्रिया में हुई संभावित अनियमितताओं की जांच करेगी। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में और भी बड़े प्रशासनिक फैसले लिए जा सकते हैं।
उधर विपक्ष का आरोप है कि केवल अधिकारियों का तबादला पर्याप्त नहीं है और पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। CBSE विवाद अब शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है।




