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गूगल के 500 से ज्यादा गुप्त AI दस्तावेज चीन पहुंचाने का मामला, पूर्व इंजीनियर लिनवेई डिंग को एक साल की जेल

गूगल की AI तकनीक से जुड़े व्यापारिक रहस्यों की चोरी के सात मामलों में दोषी; चीन की एआई कंपनियों से संबंधों को लेकर अभियोजन पक्ष ने उठाए गंभीर सवाल

टेक्नोलॉजी | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 3 सितंबर 2026

अमेरिका में गूगल के पूर्व सॉफ्टवेयर इंजीनियर लिनवेई डिंग को कंपनी की एआई तकनीक से जुड़े गोपनीय दस्तावेज चोरी करने के मामले में करीब एक साल जेल की सजा सुनाई गई है। सैन फ्रांसिस्को की संघीय अदालत में अमेरिकी जिला जज विंस चाब्रिया ने डिंग को सात मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के अनुसार डिंग ने गूगल के बेहद संवेदनशील एआई ढांचे और सुपरकंप्यूटिंग से जुड़ी 500 से ज्यादा गोपनीय फाइलें अपने निजी क्लाउड खाते में स्थानांतरित की थीं। अदालत ने इस पूरे मामले को गूगल की संपत्ति हासिल करने की एक योजनाबद्ध और गंभीर कोशिश माना।

एक साल में 500 से ज्यादा गोपनीय फाइलें बाहर निकलीं

अभियोजन पक्ष के अनुसार डिंग ने लगभग एक साल की अवधि में गूगल के कंप्यूटर नेटवर्क से 500 से ज्यादा गोपनीय फाइलें अपने निजी गूगल क्लाउड खाते में भेजीं। इन दस्तावेजों में उन हार्डवेयर प्रणालियों और सॉफ्टवेयर से जुड़ी जानकारी थी जिनका इस्तेमाल बड़े एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने वाले सुपरकंप्यूटिंग डेटा सेंटर में किया जाता है। यानी मामला सिर्फ सामान्य कंपनी की जानकारी तक सीमित नहीं था, बल्कि एआई के लिए जरूरी कंप्यूटिंग ढांचे और तकनीकी व्यवस्था से जुड़ा था।

चीन की एआई कंपनियों से जुड़ाव ने बढ़ाया मामला

मामले की गंभीरता उस समय और बढ़ गई जब जांच में डिंग के चीन की कुछ तकनीकी कंपनियों से संबंध सामने आए। अभियोजन पक्ष ने अदालत में कहा कि गूगल से जानकारी निकालने के कुछ महीनों बाद चीन स्थित शुरुआती दौर की एक तकनीकी कंपनी ने डिंग को मुख्य तकनीकी अधिकारी यानी सीटीओ बनने का प्रस्ताव दिया था। जांचकर्ताओं के मुताबिक डिंग ने चीन की यात्रा भी की और वहां एक कंपनी से मुलाकात की।

डिंग ने 2023 में चीन में अपनी कंपनी झिसुआन भी शुरू की। इस कंपनी का उद्देश्य बड़े एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने वाली कंप्यूटिंग प्रणालियां विकसित करना बताया गया था। अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने झिसुआन से जुड़े एक दस्तावेज का भी उल्लेख किया, जिसमें गूगल की बड़ी कंप्यूटिंग प्रणाली के अनुभव का इस्तेमाल कर चीन की जरूरतों के अनुसार ऐसी ही व्यवस्था तैयार करने की बात कही गई थी।

गूगल से संबंध छिपाने का भी आरोप

अमेरिकी अभियोजन पक्ष का आरोप था कि डिंग ने गूगल को चीन की दोनों कंपनियों से अपने संबंधों की जानकारी नहीं दी। इतना ही नहीं, जब वह चीन में अपनी कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे थे, तब उन्होंने एक प्रशिक्षु से अपने गूगल पहचान-पत्र का इस्तेमाल करवाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार इसका उद्देश्य ऐसा दिखाना था कि डिंग उस समय गूगल के कार्यालय में ही काम कर रहे हैं।

यह मामला इसलिए भी गंभीर हो गया क्योंकि डिंग उस समय गूगल के कर्मचारी थे और कंपनी के बेहद संवेदनशील एआई ढांचे तक उनकी पहुंच थी। ऐसे में अदालत के सामने सवाल सिर्फ फाइलों की चोरी का नहीं, बल्कि कंपनी के व्यापारिक रहस्यों की सुरक्षा और उन सूचनाओं के संभावित इस्तेमाल का भी था।

आर्थिक जासूसी का दोष क्यों पलट दिया गया?

मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि डिंग को शुरुआत में व्यापारिक रहस्य चोरी करने के साथ-साथ आर्थिक जासूसी के आरोप में भी दोषी ठहराया गया था। आर्थिक जासूसी वाले आरोप में यह सवाल महत्वपूर्ण था कि क्या डिंग का उद्देश्य चोरी की गई जानकारी से चीन की सरकार को फायदा पहुंचाना था।

लेकिन अगस्त में जज चाब्रिया ने आर्थिक जासूसी की दोषसिद्धि को पलट दिया। अदालत ने माना कि उपलब्ध सबूत इतने मजबूत नहीं थे कि कोई उचित जूरी यह निष्कर्ष निकाल सके कि मई 2022 से अप्रैल 2023 के बीच डिंग को पता था या उनका इरादा था कि उनके काम से चीन सरकार को फायदा पहुंचेगा।

इसका मतलब यह नहीं था कि डिंग के खिलाफ पूरा मामला खत्म हो गया। व्यापारिक रहस्य चोरी से जुड़े सात मामलों में उनकी दोषसिद्धि बरकरार रही, और इन्हीं मामलों के आधार पर उन्हें मंगलवार को जेल की सजा सुनाई गई।

जज ने जेल की सजा को जरूरी क्यों माना?

डिंग के वकीलों ने अदालत से जेल भेजने के बजाय उन्हें तीन महीने घर में नजरबंद रखने की मांग की थी। बचाव पक्ष ने कहा कि डिंग अपने आठ साल के बेटे की देखभाल करने वाले प्रमुख व्यक्ति हैं और इस मामले के कारण उन्हें पेशेवर, व्यक्तिगत और आर्थिक रूप से पहले ही भारी नुकसान हो चुका है।

बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि इस मामले की व्यापक सार्वजनिक चर्चा और उसके बाद डिंग को हुए नुकसान से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त संदेश जा चुका है। लेकिन जज चाब्रिया इससे सहमत नहीं हुए। उनका कहना था कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए बिना जेल की सजा के मामला पूरा नहीं माना जा सकता।

जेल के साथ भारी जुर्माना और मुआवजा

अदालत ने डिंग को जेल की सजा के अलावा दो साल की निगरानी में रिहाई की सजा भी दी है। उन्हें करीब 1,89,000 डॉलर यानी लगभग 1.80 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया। इसके अलावा करीब 25,000 डॉलर यानी लगभग 24 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

डिंग के वकीलों का कहना है कि अब वह भविष्य में किसी बड़ी तकनीकी कंपनी में भरोसे वाली महत्वपूर्ण भूमिका हासिल नहीं कर पाएंगे। उनकी चीन स्थित कंपनी झिसुआन भी अब बंद हो चुकी है और उनके सामने अमेरिका से संभावित निष्कासन का खतरा भी है।

डिंग अमेरिका कैसे पहुंचे थे?

डिंग 2010 में मास्टर डिग्री की पढ़ाई करने के लिए अमेरिका आए थे। इसके बाद उन्होंने सिलिकॉन वैली की कई तकनीकी कंपनियों में काम किया और 2019 में गूगल से जुड़े। 2021 में उन्हें अमेरिका में स्थायी निवासी का दर्जा मिला। यानी उनका पेशेवर सफर अमेरिका की तकनीकी दुनिया में काफी आगे बढ़ चुका था और गूगल में काम करते हुए उन्हें कंपनी की अत्याधुनिक एआई तकनीक तक पहुंच मिली।

एआई तकनीक की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी और रणनीतिक दौड़ बन चुकी है। अमेरिका और चीन दोनों ही एआई के क्षेत्र में अपनी क्षमता बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में किसी बड़ी तकनीकी कंपनी के एआई से जुड़े व्यापारिक रहस्यों का बाहर जाना केवल एक कंपनी के आर्थिक नुकसान का मामला नहीं है, बल्कि यह तकनीकी प्रतिस्पर्धा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवाल भी खड़े करता है।

हालांकि इस मामले में आर्थिक जासूसी की दोषसिद्धि अदालत ने पलट दी है, लेकिन व्यापारिक रहस्यों की चोरी से जुड़े सात मामलों में डिंग की दोषसिद्धि बरकरार है। इसलिए इस पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही है कि एआई की असली ताकत केवल मॉडल बनाने में नहीं, बल्कि उसके पीछे मौजूद डेटा, हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और कंप्यूटिंग ढांचे को सुरक्षित रखने में भी है।

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