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देश से झूठ बोलना बंद करें मोदी, विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने और उसी के सहारे सत्ता में हैं: राहुल गांधी

प्रधानमंत्री को राहुल गांधी की खुली चुनौती—कोई भी मंच चुन लीजिए, किसी भी समय बहस कर लीजिए; बोले—आपकी आर्थिक व्यवस्था विदेशियों के नियंत्रण और समर्थन में है, विदेशी सोशल मीडिया भी आपके साथ खड़ा है; आप बहस से डरते हैं, क्योंकि जो मैं आपके बारे में जानता हूं, उससे आप घबराते हैं।

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 2 नवंबर 2026

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें देश से झूठ बोलना बंद करने की नसीहत दी है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने और आज भी उसी विदेशी मदद के सहारे सत्ता में बने हुए हैं। उन्होंने भारत की आर्थिक व्यवस्था को विदेशियों के नियंत्रण और समर्थन में बताते हुए विदेशी सोशल मीडिया पर भी सवाल उठाए।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को खुली बहस की चुनौती देते हुए कहा कि वे किसी भी मंच पर और किसी भी समय बहस के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मोदी अपनी पसंद का मंच और समय तय कर लें, लेकिन सामने आकर जवाब दें।

राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा:

“मोदी जी, इस देश से झूठ बोलना बंद कीजिए।

आप विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने। और विदेशी मदद से ही प्रधानमंत्री बने हुए हैं।

आपकी आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह विदेशियों के नियंत्रण में और समर्थन से है। विदेशी सोशल मीडिया पूरी तरह आपके साथ खड़ा है।

मैं आपको इस मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती देता हूं। कोई भी मंच, किसी भी समय। हिम्मत है तो आइए।

आप नहीं आएंगे, क्योंकि जो मैं आपके बारे में जानता हूं, आप उससे डरते हैं।”

विदेशी मदद और सत्ता पर राहुल के सीधे सवाल

राहुल गांधी ने अपने बयान में प्रधानमंत्री की राजनीतिक स्थिति को विदेशी मदद से जोड़ते हुए गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मोदी विदेशी समर्थन के सहारे प्रधानमंत्री बने और उसी समर्थन के दम पर सत्ता में बने हुए हैं।

राहुल ने भारत की आर्थिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़ा किया। उनका आरोप है कि देश की आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह विदेशी नियंत्रण और समर्थन पर निर्भर है। उन्होंने विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के समर्थन का भी जिक्र किया और कहा कि ये प्लेटफॉर्म प्रधानमंत्री के साथ खड़े हैं।

राहुल गांधी ने इन मुद्दों पर प्रधानमंत्री से सार्वजनिक जवाब मांगा है। उन्होंने बहस के लिए किसी विशेष स्थान, तारीख या मंच की शर्त नहीं रखी। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री जहां चाहें, जब चाहें, इस मुद्दे पर आमने-सामने बहस कर सकते हैं।

मोदी के विदेशी ताकतों वाले बयान पर पलटवार

राहुल गांधी का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर में दिए गए भाषण के बाद आया है। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में मोदी ने विपक्ष को ‘अवरोधक ताकत’ बताते हुए आरोप लगाया था कि कुछ ताकतें देश को बांटने की साजिश कर रही हैं।

प्रधानमंत्री ने विदेशी धरती पर होने वाली मुलाकातों, भारत विरोधी ताकतों के समर्थन और सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाने के मुद्दे भी उठाए थे। उन्होंने कहा था कि भारत की छवि खराब करने और देश में भ्रम फैलाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जा रहा है।

राहुल गांधी ने अब प्रधानमंत्री के इन बयानों के जवाब में विदेशी मदद, आर्थिक व्यवस्था और विदेशी सोशल मीडिया के समर्थन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को चुनौती दी है कि यदि वे इन मुद्दों पर विपक्ष से सवाल पूछते हैं, तो उन्हें भी अपने ऊपर उठ रहे सवालों का जवाब सार्वजनिक रूप से देना चाहिए।

‘हिम्मत है तो आइए’

राहुल गांधी के बयान का सबसे सीधा और आक्रामक हिस्सा उनकी खुली बहस की चुनौती है। उन्होंने प्रधानमंत्री को किसी भी मंच पर आमने-सामने आने के लिए कहा और स्पष्ट शब्दों में चुनौती दी—“कोई भी मंच, किसी भी समय। हिम्मत है तो आइए।”

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री बहस के लिए सामने नहीं आएंगे, क्योंकि वे उन बातों से डरते हैं जिन्हें राहुल उनके बारे में जानते हैं।

प्रधानमंत्री और विपक्ष के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव के बीच राहुल गांधी की इस चुनौती ने बहस को विदेशी मदद, आर्थिक निर्भरता और सोशल मीडिया के प्रभाव जैसे मुद्दों तक पहुंचा दिया है।

राहुल गांधी का प्रधानमंत्री को दोटूक संदेश है—देश से झूठ बोलना बंद कीजिए और सामने आकर सवालों का जवाब दीजिए। मंच आपका, समय आपका; बहस से पीछे मत हटिए।

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