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दिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू, प्रदूषण रोकने के लिए सख्ती

दशहरे के अगले दिन दिल्ली का AQI 233 पर पहुंचा; हवा ‘खराब’ श्रेणी में, धूल, कचरा जलाने और वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के निर्देश

राष्ट्रीय/ पर्यावरण/ प्रदूषण | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 22 अक्टूबर 2026

दशहरे के अगले दिन दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता खराब होने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण यानी GRAP-1 को लागू कर दिया है। बुधवार सुबह नौ बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 233 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। आयोग ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की संबंधित एजेंसियों को प्रदूषण नियंत्रण के उपाय सख्ती से लागू करने और हवा की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

CAQM के अनुसार, GRAP-1 के तहत निर्धारित उपाय पूरे दिल्ली-NCR में लागू किए जाएंगे। एजेंसियों को निगरानी बढ़ाने और प्रदूषण का स्तर और बिगड़ने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है।

AQI 233, हवा ‘खराब’ श्रेणी में

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मानकों के अनुसार, AQI 201 से 300 के बीच होने पर हवा को ‘खराब’ श्रेणी में रखा जाता है।

AQI की श्रेणियां इस प्रकार हैं: 0 से 50 ‘अच्छी’, 51 से 100 ‘संतोषजनक’, 101 से 200 ‘मध्यम’, 201 से 300 ‘खराब’, 301 से 400 ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 ‘गंभीर’।

GRAP-1 का उद्देश्य प्रदूषण बढ़ने की शुरुआती स्थिति में ही नियंत्रण के उपाय तेज करना है, ताकि हवा की गुणवत्ता और खराब होने से रोकी जा सके।

निर्माण स्थलों और कचरा जलाने पर रोक

GRAP-1 के तहत निर्माण और तोड़फोड़ वाले स्थलों पर धूल नियंत्रण के उपाय लागू करना जरूरी है। 500 वर्ग मीटर से बड़े निर्माण स्थलों के लिए स्वीकृत धूल प्रबंधन योजना आवश्यक है। खुले में कचरा, पत्तियां और अन्य अपशिष्ट जलाने पर भी रोक है।

सड़क किनारे भोजन बेचने वाली दुकानों और व्यावसायिक रसोई में कोयले या लकड़ी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है। होटल, रेस्तरां और खुले भोजनालयों को बिजली, गैस या अन्य स्वच्छ ईंधन इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं।

डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी पाबंदियां लागू हैं, हालांकि आवश्यक सेवाओं और आपातकालीन जरूरतों के लिए निर्धारित छूट मिल सकती है। प्रदूषण फैलाते पाए जाने वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार जुर्माना या जब्ती की कार्रवाई की जा सकती है।

वाहनों और औद्योगिक प्रदूषण पर निगरानी

प्रदूषण कम करने के लिए प्रमुख चौराहों पर यातायात पुलिस की तैनाती और लाल बत्ती पर इंजन बंद रखने जैसे उपायों पर जोर दिया गया है। दिल्ली में 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों पर लागू प्रतिबंध भी जारी हैं।

दिल्ली से 300 किलोमीटर के दायरे में स्थित प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों और ताप विद्युत संयंत्रों के खिलाफ भी लागू नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

नागरिक प्रदूषण से जुड़ी शिकायतें ग्रीन दिल्ली ऐप, SAMEER ऐप या 311 नंबर के माध्यम से दर्ज करा सकते हैं।

दिल्ली में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बुधवार को दिल्ली के सफदरजंग मौसम केंद्र पर न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन का अधिकतम तापमान लगभग 31 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान था।

अन्य मौसम केंद्रों पर पालम में न्यूनतम तापमान 17.8 डिग्री, लोधी रोड और आया नगर में 17.7 डिग्री तथा रिज में 19.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

एजेंसियों के साथ नागरिकों की भी जिम्मेदारी

CAQM ने संबंधित एजेंसियों को GRAP-1 के तहत तय उपायों को लागू करने, उनकी निगरानी करने और नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। नागरिकों से भी अपील है कि वे वाहनों को अनावश्यक रूप से चालू न रखें, खुले में कचरा न जलाएं और निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियमों का पालन सुनिश्चित करें।

GRAP-1 लागू होने के बाद प्रदूषण नियंत्रण के शुरुआती उपायों पर सख्ती बढ़ गई है। आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता मौसम की परिस्थितियों और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों के प्रभाव पर निर्भर करेगी।

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