नई दिल्ली | ABC NATIONAL NEWS | 25 सितंबर 2026
दिल्ली में विकास और जनसुविधाओं को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों की सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता और BJP की वरिष्ठ नेता संध्या बजाज ने सराहना की है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने, रोजगार के अवसर बढ़ाने, घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने, अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को मालिकाना हक देने और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान दिया गया है। संध्या बजाज के मुताबिक, दिल्ली को आगे बढ़ाने के लिए केवल नई योजनाएं शुरू करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका लाभ आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे और पूरी व्यवस्था सिस्टेमेटिक तरीके से काम करे, यह भी उतना ही जरूरी है।
संध्या बजाज ने खास तौर पर दिल्ली लक्ष्मी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की सहायता देने का प्रावधान महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता देने के बजाय उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के अवसर भी उपलब्ध कराना जरूरी है। इसी सोच से जुड़ी दुर्गा EV ऑटो योजना को भी उन्होंने महत्वपूर्ण पहल बताया। योजना के तहत महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय को इलेक्ट्रिक ऑटो के परमिट देकर रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। 1,300 इलेक्ट्रिक ऑटो के परमिट में 90% महिलाओं और 10% ट्रांसजेंडर लाभार्थियों के लिए रखे गए हैं।
उन्होंने PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को भी दिल्ली के परिवारों के लिए उपयोगी पहल बताया। इस योजना के जरिए घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने और बिजली के खर्च को कम करने की दिशा में काम किया जा रहा है। दिल्ली सरकार ने इसके लिए पोर्टल शुरू किया है और बड़ी संख्या में घरों को रूफटॉप सोलर से जोड़ने की योजना बनाई गई है। संध्या बजाज के मुताबिक, सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने से परिवारों को आर्थिक राहत मिलने के साथ स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा।
अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों से जुड़े मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार की पहल की सराहना की। PM-UDAY योजना के तहत 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले करीब 45 लाख लोगों को संपत्ति से जुड़े अधिकार देने की प्रक्रिया को उन्होंने महत्वपूर्ण कदम बताया। उनके अनुसार, लंबे समय से मालिकाना हक का इंतजार कर रहे परिवारों के लिए संपत्ति से जुड़े अधिकार उनके घर और भविष्य की सुरक्षा के लिहाज से अहम हैं।
पर्यावरण और धार्मिक गतिविधियों से जुड़ी पहलों का जिक्र करते हुए संध्या बजाज ने त्योहारों के दौरान पर्यावरण अनुकूल विसर्जन के लिए कृत्रिम तालाब और मंदिरों के आसपास पूजा सामग्री तथा खंडित मूर्तियों के संग्रह केंद्र बनाने जैसे प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि विकास का मतलब केवल सड़क, भवन और बड़ी परियोजनाएं नहीं हैं। स्वच्छ पर्यावरण और नागरिकों की रोजमर्रा की जरूरतों का ध्यान रखना भी अच्छे शहरी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
दिल्ली की यातायात व्यवस्था को लेकर संध्या बजाज ने कहा कि राजधानी के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बढ़ते ट्रैफिक दबाव को व्यवस्थित करना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कई बार 10 किलोमीटर की दूरी तय करने में भी एक से दो घंटे तक लग जाते हैं। TomTom के 2025 Traffic Index के अनुसार, नई दिल्ली में औसत जाम स्तर 60.2% रहा और वाहन चालकों ने साल में करीब 104 घंटे अतिरिक्त ट्रैफिक में गंवाए। उनके मुताबिक, जाम का समाधान केवल फ्लाईओवर, अंडरपास या सड़क चौड़ी करने से नहीं होगा। सिग्नल व्यवस्था, पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन, तकनीक और अलग-अलग सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल से पूरी व्यवस्था को सिस्टेमेटिक बनाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में मेट्रो, बस, ई-बस, ऑटो और अंतिम दूरी की कनेक्टिविटी को बेहतर तरीके से जोड़ना जरूरी है। बाजारों, अस्पतालों, पर्यटन स्थलों और मेट्रो स्टेशनों के आसपास व्यवस्थित पार्किंग बढ़ाने के साथ डिजिटल पार्किंग व्यवस्था भी लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है। उनका कहना है कि तकनीक का इस्तेमाल केवल नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई के लिए नहीं, बल्कि जाम बनने से पहले उसकी पहचान करने, सिग्नल व्यवस्था सुधारने और लोगों को वैकल्पिक रास्तों की जानकारी देने के लिए भी किया जाना चाहिए। उनका जोर इस बात पर है कि नागरिकों को जाम में फंसने के बाद निकालने के बजाय ऐसी व्यवस्था बने, जो जाम बनने की स्थिति को पहले ही पहचान सके।
संध्या बजाज ने दिल्ली में नाबालिगों की सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। हाल में वजीराबाद में नाबालिग लड़की से जुड़े POCSO मामले और दिल्ली के अन्य इलाकों में नाबालिगों के खिलाफ सामने आए गंभीर मामलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए CCTV निगरानी, सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा, होटल और अन्य प्रतिष्ठानों में नियमों का पालन तथा POCSO मामलों में समयबद्ध जांच जरूरी है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा केवल अपराध होने के बाद पुलिस कार्रवाई का विषय नहीं है, बल्कि पहले से मजबूत निगरानी और रोकथाम की व्यवस्था भी जरूरी है।
संध्या बजाज के मुताबिक दिल्ली को ऐसा शहर बनाने की जरूरत है जहां विकास योजनाओं का लाभ सीधे नागरिकों तक पहुंचे और रोजमर्रा की जिंदगी आसान हो। महिलाओं को आर्थिक सहायता, रोजगार के अवसर, सौर ऊर्जा, संपत्ति के अधिकार, पर्यावरण संरक्षण, बेहतर यातायात और बच्चों की सुरक्षा—इन सभी मुद्दों को उन्होंने दिल्ली के समग्र विकास से जोड़ा। उनका कहना है कि जब अलग-अलग विभाग और एजेंसियां एक साझा योजना के तहत काम करेंगी, तभी योजनाओं का वास्तविक लाभ जमीन पर दिखाई देगा।
संध्या बजाज ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में शुरू की गई जनहित की योजनाएं दिल्ली को विकास की दिशा में आगे ले जाने की पूरी क्षमता रखती हैं। अब जरूरत इन योजनाओं को मजबूत तरीके से लागू करने और पूरी व्यवस्था को अधिक सिस्टेमेटिक बनाने की है। उनके मुताबिक, महिला सशक्तिकरण से लेकर रोजगार, सौर ऊर्जा, आवास, ट्रैफिक और नागरिक सुरक्षा तक—अगर इन सभी क्षेत्रों पर एक साथ और बेहतर तालमेल के साथ काम किया जाए, तो दिल्ली के लोगों को सुविधाजनक, सुरक्षित और बेहतर शहर का अनुभव 100 फीसदी मिलेगा।


