अंतरराष्ट्रीय/कूटनीति | ABC NATIONAL NEWS | बीजिंग | 10 सितंबर 2026
1956 में शुरू हुए रिश्ते, अब आर्थिक और निवेश सहयोग पर जोर
चीन और सीरिया ने अपने राजनयिक रिश्तों के 70 साल पूरे होने का जश्न मनाया। दोनों देशों के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध वर्ष 1956 में शुरू हुए थे। इस मौके पर बीजिंग स्थित सीरियाई दूतावास में एक स्वागत समारोह आयोजित किया गया, जिसमें चीन के वरिष्ठ अधिकारी और राजनयिक शामिल हुए। चीन के उप विदेश मंत्री मियाओ देयू और सीरियाई दूतावास के प्रभारी अधिकारी मोहम्मद जकारिया लबाबिदी ने दोनों देशों के सात दशक पुराने संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
अब आर्थिक रिश्तों पर चीन और सीरिया का फोकस
समाचार एजेंसी SANA के अनुसार, दोनों पक्षों ने अर्थव्यवस्था, निवेश, विकास, विज्ञान और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई। सीरिया इस समय लंबे युद्ध से हुए नुकसान के बाद अपने देश के जरूरी ढांचे को दोबारा खड़ा करने की कोशिश कर रहा है। बिजली, सड़क, उद्योग और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को फिर से मजबूत करने के लिए उसे बड़े निवेश की जरूरत है। ऐसे समय में चीन के साथ मजबूत आर्थिक साझेदारी सीरिया के लिए काफी महत्वपूर्ण हो सकती है।
असद शासन के समय चीन था बड़ा समर्थक
सीरिया और चीन के रिश्तों का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि बशर अल-असद के शासन के दौरान चीन ने रूस के साथ सीरियाई सरकार का समर्थन किया था। 2011 से 2024 तक चले सीरियाई गृहयुद्ध के दौरान चीन ने असद सरकार के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच उसका साथ दिया।
लेकिन असद शासन के अंत और दमिश्क में नई सरकार आने के बाद सीरिया अब चीन के साथ अपने रिश्तों को नए आधार पर मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण है—देश का पुनर्निर्माण और विदेशी निवेश।
सुरक्षा भी रिश्तों का बड़ा मुद्दा
दोनों देशों के बीच बातचीत केवल व्यापार और निवेश तक सीमित नहीं है। सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुकी है। पिछले नवंबर में सीरिया के विदेश मंत्री असद अल-शैबानी ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से बातचीत की थी। इस दौरान सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
चीन की एक बड़ी चिंता सीरिया में सक्रिय रहे उइगर लड़ाकों को लेकर रही है। सीरियाई गृहयुद्ध के दौरान कुछ उइगर लड़ाके वहां पहुंचे थे। नई सीरियाई सरकार ने चीन को भरोसा दिलाया है कि सीरियाई जमीन का इस्तेमाल चीन के हितों के खिलाफ किसी खतरे के लिए नहीं होने दिया जाएगा।
असद के बाद चीन के लिए सीरिया कितना महत्वपूर्ण?
सीरिया आज भी युद्ध के बाद पुनर्निर्माण की बड़ी चुनौती से गुजर रहा है। उसके सामने आर्थिक संकट, कमजोर बुनियादी ढांचा और निवेश की कमी जैसी बड़ी समस्याएं हैं। चीन के पास बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, निवेश और निर्माण का अनुभव है। इसलिए आने वाले समय में दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ने की संभावना महत्वपूर्ण है।
70 साल पुराने रिश्तों का यह नया अध्याय एक बड़े सवाल के साथ शुरू हो रहा है—क्या चीन असद के दौर के राजनीतिक संबंधों को अब सीरिया के पुनर्निर्माण और निवेश की बड़ी साझेदारी में बदल पाएगा? और क्या नई सीरियाई सरकार चीन को वह भरोसा दे पाएगी, जिसकी बीजिंग को सुरक्षा और आर्थिक हितों के लिए जरूरत है?




