राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नागपुर | 6 जुलाई 2026
महाराष्ट्र के नागपुर में त्वचा गोरी करने वाली एक क्रीम को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में 18 महिलाओं में किडनी से जुड़ी समस्याएं सामने आईं। जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि सभी महिलाएं ‘गोरी ब्यूटी क्रीम’ (Goree Beauty Cream) का इस्तेमाल कर रही थीं।
मामला सामने आने के बाद महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने क्रीम के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे। सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, जांच में क्रीम में पारे (Mercury) की मात्रा कानूनी सीमा से 752 गुना अधिक पाई गई। हालांकि, इस दावे पर संबंधित अधिकारियों की विस्तृत आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पारा एक बेहद जहरीली धातु है। लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से किडनी, तंत्रिका तंत्र और शरीर के अन्य अंगों पर गंभीर असर पड़ सकता है। बताया जाता है कि कुछ त्वचा गोरी करने वाली क्रीमों में मेलेनिन बनने की प्रक्रिया को रोकने के लिए पारे का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे त्वचा कुछ समय के लिए हल्की दिखाई देती है, लेकिन इसके गंभीर दुष्परिणाम हो सकते हैं।
यह क्रीम ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho और कुछ सोशल मीडिया पेजों के जरिए भी बिक रही थी। मामला सामने आने के बाद Meesho ने कहा है कि वह पूरे मामले की जांच कर रही है और संबंधित उत्पादों को अपने प्लेटफॉर्म से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस खबर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने चिंता जताई है। कई लोगों ने सवाल उठाया कि ऐसा उत्पाद भारतीय बाजार तक कैसे पहुंचा और ऑनलाइन बिक्री के लिए उपलब्ध कैसे हो गया। वहीं कुछ लोगों ने सरकार से ऐसे उत्पादों पर सख्त कार्रवाई और प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी त्वचा गोरी करने वाली क्रीम का इस्तेमाल न करें। यदि किसी कॉस्मेटिक उत्पाद के इस्तेमाल के बाद त्वचा या स्वास्थ्य से जुड़ी कोई परेशानी होती है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और संबंधित उत्पाद का उपयोग बंद कर दें।
इस मामले ने एक बार फिर ऑनलाइन बिकने वाले ब्यूटी प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता और उनकी निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर महाराष्ट्र FDA की विस्तृत जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी है।




