अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | लंदन | 6 जुलाई 2026
ब्रिटेन की आव्रजन विरोधी पार्टी रिफॉर्म यूके के नेता नाइजेल फराज एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। मीडिया रिपोर्ट में कुछ लाभ और सुविधाओं की जानकारी सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं करने का दावा किए जाने के बाद उनके खिलाफ मामला संसद की मानक एवं आचरण निगरानी संस्था (Standards Watchdog) के पास भेजा गया है।
यदि शुरुआती जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो फराज के खिलाफ यह दूसरा औपचारिक जांच मामला हो सकता है।
इससे पहले भी नाइजेल फराज पहले से एक अन्य मामले में जांच का सामना कर रहे हैं। उन पर आरोप है कि संसद सदस्य बनने से पहले उन्हें एक क्रिप्टोकरेंसी कारोबारी से लगभग 50 लाख पाउंड (करीब 67 लाख डॉलर) का बड़ा दान मिला था, जिसकी घोषणा को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
अब नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फराज ने कुछ अन्य लाभों की जानकारी भी नियमों के अनुसार दर्ज नहीं कराई। इसी आधार पर मामला संसद की निगरानी संस्था को भेजा गया है।
हालांकि, नाइजेल फराज के प्रवक्ता ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि यह रिपोर्ट “बेबुनियाद और मनगढ़ंत” है तथा इसमें लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।
फिलहाल निगरानी संस्था यह तय करेगी कि शिकायत में पर्याप्त आधार है या नहीं। यदि जांच आगे बढ़ती है, तो फराज से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है।
ब्रिटेन में सांसदों और जनप्रतिनिधियों के लिए यह अनिवार्य है कि वे उन्हें मिलने वाले उपहार, दान और अन्य लाभों की जानकारी निर्धारित नियमों के तहत सार्वजनिक रूप से दर्ज कराएं। इसी व्यवस्था के तहत ऐसे मामलों की जांच संसद की मानक एवं आचरण निगरानी संस्था करती है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि इस नए मामले में जांच एजेंसी क्या फैसला लेती है और नाइजेल फराज को आगे किस तरह की कानूनी या संसदीय प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है।




