अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 6 जुलाई 2026
फिलिस्तीनी अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन हिंद रजब फाउंडेशन (HRF) ने भारत सरकार से एक इजरायली सैनिक की गिरफ्तारी की मांग की है। संगठन का आरोप है कि यह सैनिक वर्ष 2024 में गाजा में हुए युद्ध अपराधों में शामिल था और बाद में हिमाचल प्रदेश में छुट्टियां मनाने आया था।
एचआरएफ ने 2 जून 2026 को केंद्रीय गृह मंत्रालय, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन और पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में इजरायली सैनिक एतान गिलबोआ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
संगठन का दावा है कि एतान गिलबोआ इजरायल की सेना की 271वीं कॉम्बैट इंजीनियरिंग बटालियन का सदस्य रहा है। उस पर गाजा के खान यूनिस और रफा इलाकों में रिहायशी इमारतों और नागरिक ढांचे को नष्ट करने में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
एचआरएफ का कहना है कि उसने अपनी शिकायत के साथ कई तरह के सबूत भी दिए हैं। इनमें जियो-लोकेशन वाले वीडियो, सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो और सैन्य कमांड से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। संगठन का आरोप है कि सैनिक ने कथित कार्रवाई के वीडियो खुद बनाए थे, जिन्हें बाद में उसकी मां ने सोशल मीडिया पर साझा किया।
फाउंडेशन के अनुसार, फिलिस्तीन समर्थक कार्यकर्ताओं ने एतान गिलबोआ का पता हिमाचल प्रदेश के ओल्ड मनाली और गोंडला गांव में लगाया था। ये इलाके इजरायली पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं और इन्हें अक्सर “हम्मस ट्रेल” का हिस्सा माना जाता है।
हालांकि, शिकायत दर्ज होने के बाद एतान गिलबोआ भारत छोड़कर जा चुका है। फिलहाल भारतीय अधिकारियों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है और न ही किसी कार्रवाई की पुष्टि हुई है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब गाजा युद्ध को लेकर दुनिया के कई देशों में कथित युद्ध अपराधों की जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग लगातार उठ रही है। कई मानवाधिकार संगठन अलग-अलग देशों में मौजूद ऐसे लोगों के खिलाफ शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, जिन पर युद्ध अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं।
फिलहाल इस मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। भारतीय एजेंसियों की ओर से शिकायत पर क्या कार्रवाई की जाएगी, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।




