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राम मंदिर दान विवाद में नया मोड़, चंपत राय समेत चार पर FIR की मांग को लेकर वकीलों का प्रदर्शन

राष्ट्रीय | उत्तर प्रदेश | ABC NATIONAL NEWS | अयोध्या | 3 जुलाई 2026

अयोध्या के राम मंदिर दान विवाद ने गुरुवार को नया राजनीतिक और कानूनी मोड़ ले लिया। फैजाबाद बार एसोसिएशन के दर्जनों वकीलों ने कथित दान गबन मामले को लेकर विरोध मार्च निकाला और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा तथा दो अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। वकीलों ने आरोप लगाया कि करोड़ों श्रद्धालुओं के दान से जुड़े मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस को तत्काल आपराधिक मामला दर्ज करना चाहिए।

गुरुवार को वकील अदालत परिसर से मार्च निकालते हुए राम जन्मभूमि थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि कथित वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। वकीलों का कहना था कि यदि आरोपों में सच्चाई है, तो कानून सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में वकील थाने के भीतर स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) के कार्यालय तक पहुंच गए और तत्काल मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे। स्थिति को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने उन्हें शांत कराया और आश्वासन दिया कि शिकायत का विधिक परीक्षण किया जाएगा तथा कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब राम मंदिर चढ़ावे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच पहले से ही विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है। हाल ही में राज्य सरकार ने एसआईटी को जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त 15 दिन का समय भी दिया है। जांच एजेंसियां दान प्रबंधन, वित्तीय लेन-देन और अन्य संबंधित पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

फैजाबाद बार एसोसिएशन का कहना है कि यह मामला केवल आर्थिक गड़बड़ी का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और सार्वजनिक विश्वास से जुड़ा हुआ है। इसलिए जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और कानून के अनुरूप होनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की आशंका या विवाद की गुंजाइश न रहे।

दूसरी ओर, पुलिस ने अभी तक इस मांग पर कोई औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें प्राप्त शिकायत का परीक्षण किया जा रहा है और उपलब्ध तथ्यों व कानूनी प्रावधानों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और संबंधित आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी या दोष तय होना जांच और न्यायिक प्रक्रिया के पूरा होने पर ही संभव होगा। अब पूरे मामले पर निगाहें एसआईटी की रिपोर्ट और पुलिस के अगले कदम पर टिकी हैं।

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