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भारत-फ्रांस ने बनाया ‘इनोवेशन रोडमैप 2030’, मोदी-मैक्रों की बड़ी बैठक; AI, व्यापार और सुरक्षा पर नए समझौते

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नीस (फ्रांस) | 15 जून 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच फ्रांस के नीस शहर में हुई अहम द्विपक्षीय बैठक में भारत और फ्रांस ने ‘इनोवेशन रोडमैप 2030’ को अपनाने तथा ‘इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग’ शुरू करने का ऐतिहासिक फैसला किया है। दोनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), तकनीकी नवाचार, व्यापार, निवेश और रणनीतिक सुरक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की प्रतिबद्धता जताई।

बैठक ऐसे समय हुई है जब दुनिया भू-राजनीतिक तनाव, आपूर्ति श्रृंखला संकट और तकनीकी प्रतिस्पर्धा के नए दौर से गुजर रही है। ऐसे में भारत और फ्रांस का यह समझौता दोनों देशों की साझेदारी को और मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।

बैठक के बाद जारी जानकारी के अनुसार दोनों नेताओं ने भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को जल्द अंतिम रूप देने पर जोर दिया। उनका मानना है कि इससे व्यापार और निवेश के नए अवसर खुलेंगे तथा भारत और यूरोप के आर्थिक संबंधों को नई गति मिलेगी।

दोनों देशों ने एक संयुक्त भारत-फ्रांस एआई वर्किंग ग्रुप बनाने पर भी सहमति व्यक्त की है। इसका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, डिजिटल तकनीक और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि AI भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार बनने जा रही है, इसलिए यह समझौता दूरगामी प्रभाव वाला हो सकता है।

भारत और फ्रांस ने इसी वर्ष अपनी साझेदारी को ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का नया नाम दिया था। अब ‘इनोवेशन रोडमैप 2030’ उसी साझेदारी को ठोस आर्थिक और तकनीकी आयाम देने की दिशा में अगला बड़ा कदम माना जा रहा है।

बैठक में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं की सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता, सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा और रक्षा सहयोग जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में विश्वसनीय साझेदारों के बीच सहयोग और अधिक आवश्यक हो गया है।

दिलचस्प बात यह है कि यह बैठक ऐसे समय हुई जब पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान शांति समझौते और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने की संभावना को लेकर वैश्विक राजनीति में बड़े बदलाव दिखाई दे रहे हैं। ऐसे माहौल में भारत और फ्रांस का तकनीक, व्यापार और आर्थिक सुरक्षा पर केंद्रित यह समझौता भविष्य की वैश्विक शक्ति संरचना में दोनों देशों की भूमिका को और मजबूत कर सकता है।

विश्लेषकों का मानना है कि ‘इनोवेशन रोडमैप 2030’ केवल एक तकनीकी दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाले दशक में भारत-फ्रांस संबंधों की नई दिशा तय करने वाला रणनीतिक खाका है। AI से लेकर रक्षा, व्यापार से लेकर डिजिटल अर्थव्यवस्था तक, दोनों देश अब साझेदारी के एक नए अध्याय में प्रवेश कर चुके हैं।

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