अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | कीव/मॉस्को | 3 जून 2026
रूस-यूक्रेन युद्ध में एक बार फिर बड़ा और घातक मोड़ आया है। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार रूस ने सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक यूक्रेन पर अब तक के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक को अंजाम देते हुए 656 ड्रोन और 73 मिसाइलें दागीं। इन हमलों में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं।
यूक्रेन की वायुसेना ने दावा किया कि रूसी हमलों का मुख्य निशाना राजधानी कीव, मध्य यूक्रेन का द्नीप्रो, तथा पूर्वी शहर खार्किव, पोल्टावा और ज़ापोरिज्जिया थे। यूक्रेनी एयर डिफेंस ने 602 ड्रोन और 40 मिसाइलों को मार गिराने या निष्क्रिय करने का दावा किया है, लेकिन बड़ी संख्या में हमले अपने लक्ष्य तक पहुंचने में सफल रहे।
कीव के मेयर विताली क्लिट्स्को के अनुसार राजधानी में छह लोगों की मौत हुई है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। वहीं द्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र में 16 लोगों की मौत और 36 लोगों के घायल होने की पुष्टि की गई है। खार्किव में भी कम से कम 15 लोग घायल हुए हैं।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने हमले के बाद पश्चिमी देशों से तत्काल सैन्य सहायता की मांग दोहराई है। उन्होंने कहा कि यूरोप को अपनी एंटी-बैलिस्टिक रक्षा प्रणाली विकसित करनी चाहिए और अमेरिका द्वारा पैट्रियट मिसाइल सिस्टम के लिए अतिरिक्त मिसाइलों की आपूर्ति बेहद जरूरी है। ज़ेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस जानबूझकर नागरिक इलाकों को निशाना बना रहा है।
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने रूस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि युद्धक्षेत्र में दबाव झेल रही रूसी सेना अब नागरिक आबादी पर हमले कर रही है। उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को “युद्ध अपराधी” बताते हुए कहा कि आतंक फैलाना ही उनकी रणनीति बन गई है।
हालांकि रूस ने इन आरोपों को खारिज किया है। रूसी रक्षा मंत्रालय का कहना है कि हमलों का लक्ष्य यूक्रेन का सैन्य-औद्योगिक ढांचा, ऊर्जा प्रतिष्ठान और सेना द्वारा उपयोग किए जा रहे परिवहन नेटवर्क थे। मॉस्को ने दावा किया कि सभी हमले उच्च-सटीकता वाले हथियारों से सैन्य ठिकानों पर किए गए।
इस बीच यूक्रेन ने भी रूस के भीतर ड्रोन हमले जारी रखे हैं। रूस के कुर्स्क क्षेत्र में एक यूक्रेनी ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि क्रास्नोदार क्षेत्र की एक तेल रिफाइनरी में आग लगने की खबर है।
विश्लेषकों का मानना है कि हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच ड्रोन और मिसाइल हमलों की तीव्रता तेजी से बढ़ी है। अमेरिका की मध्यस्थता वाले शांति प्रयास फिलहाल ठंडे बस्ते में पड़े हैं और युद्ध के जल्द समाप्त होने के कोई संकेत दिखाई नहीं दे रहे हैं। ऐसे में रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष और अधिक खतरनाक रूप ले सकता है।




