खेल/अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | मेक्सिको सिटी | 26 मई 2026
फीफा वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने से पहले ही राजनीति और युद्ध की छाया फुटबॉल पर साफ दिखाई देने लगी है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अब मेक्सिको ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि वह ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की मेज़बानी करेगा। यह फैसला तब सामने आया जब अमेरिकी प्रशासन ने ईरानी टीम को अपने यहां ठहराने को लेकर आपत्ति जताई।
मेक्सिको की राष्ट्रपति Claudia Sheinbaum ने सोमवार को कहा कि FIFA ने खुद मेक्सिको से संपर्क कर ईरानी टीम को ठहराने का अनुरोध किया था। उन्होंने साफ कहा, “हमारे पास उन्हें रोकने की कोई वजह नहीं है। अगर अमेरिका उन्हें अपने यहां नहीं रखना चाहता, तो मेक्सिको उनके लिए तैयार है।”
दरअसल, पहले ईरान की टीम को अपने सभी ग्रुप मैच अमेरिका में खेलने थे। लेकिन अमेरिका-ईरान और इजरायल-ईरान तनाव के कारण हालात बेहद संवेदनशील हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की सरकार ने सुरक्षा और वीज़ा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। यही वजह है कि ईरानी खिलाड़ियों और स्टाफ को अब तक अमेरिका के जरूरी वीज़ा नहीं मिले हैं।
ईरान फुटबॉल फेडरेशन के प्रमुख Mehdi Taj ने पुष्टि की है कि टीम अब अपना ट्रेनिंग बेस अमेरिका के एरिज़ोना से हटाकर मेक्सिको के सीमा शहर Tijuana में बनाएगी। उन्होंने कहा कि FIFA अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया ताकि वीज़ा और यात्रा से जुड़ी परेशानियों से बचा जा सके। ईरानी टीम अब सीधे Iran Air की फ्लाइट से मेक्सिको पहुंच सकेगी।
हालांकि, यह पूरा विवाद सिर्फ खेल तक सीमित नहीं है। फरवरी 2026 से अमेरिका और इजरायल के साथ जारी युद्ध में ईरान में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है और पूरे पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। इसका असर अब अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों पर भी दिखाई देने लगा है।
ईरान एशिया की सबसे मजबूत फुटबॉल टीमों में गिनी जाती है और यह लगातार चौथी बार फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई कर चुकी है। टीम को अपने पहले दो मुकाबले लॉस एंजेलिस में न्यूज़ीलैंड और बेल्जियम के खिलाफ खेलने हैं, जबकि तीसरा मैच सिएटल में मिस्र के खिलाफ होना है। लेकिन अब सवाल यह उठने लगा है कि क्या राजनीतिक तनाव खिलाड़ियों और प्रशंसकों के अनुभव को प्रभावित करेगा?
अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा संयुक्त रूप से वर्ल्ड कप 2026 की मेज़बानी कर रहे हैं। कुल 78 मैच अमेरिका में खेले जाने हैं, जिनमें फाइनल भी शामिल है। लेकिन Trump प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन नीतियों ने पहले ही कई देशों के प्रशंसकों और खिलाड़ियों के बीच चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका ने करीब 75 देशों के नागरिकों के वीज़ा प्रोसेस पर सख्ती बढ़ा दी है, जिनमें ईरान भी शामिल है।
मेक्सिको के इस फैसले को अब सिर्फ खेल नहीं बल्कि “स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी” के तौर पर भी देखा जा रहा है। एक तरफ दुनिया युद्ध और तनाव में उलझी है, वहीं फुटबॉल के जरिए देशों के बीच पुल बनाने की कोशिश भी जारी है।




