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सैन्य कटौती की बात से यू-टर्न? ट्रंप ने पोलैंड भेजे 5000 अतिरिक्त सैनिक, रूस और यूरोप को बड़ा संदेश

अंतरराष्ट्रीय / वैश्विक सुरक्षा | ABC NATIONAL NEWS | वॉशिंगटन | 23 मई 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपनी विदेश और रक्षा नीति से दुनिया को चौंका दिया है। कुछ ही दिनों पहले यूरोप में अमेरिकी सैनिकों की संख्या घटाने की बात करने वाले ट्रंप ने अब पोलैंड में 5000 अतिरिक्त सैनिक भेजने की घोषणा कर दी है। इस फैसले ने न केवल NATO सहयोगियों बल्कि रूस और पूरे यूरोप में नई रणनीतिक बहस छेड़ दी है।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “ट्रुथ सोशल” पर कहा कि पोलैंड के साथ मजबूत संबंधों और वहां की राष्ट्रवादी सरकार के सहयोग को देखते हुए अमेरिका अतिरिक्त सैनिक भेज रहा है। इस घोषणा ने इसलिए भी ध्यान खींचा क्योंकि हाल के हफ्तों में ट्रंप प्रशासन लगातार यूरोप में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी कम करने के संकेत दे रहा था।

दरअसल, ट्रंप प्रशासन पहले जर्मनी और अन्य यूरोपीय देशों में तैनात हजारों अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने की योजना पर काम कर रहा था। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने संकेत दिए थे कि यूरोप में करीब 5000 सैनिकों की कटौती की जा सकती है। लेकिन अब अचानक पोलैंड में नई तैनाती के फैसले को रणनीतिक “यू-टर्न” माना जा रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम के पीछे दो बड़े संदेश छिपे हैं। पहला संदेश रूस और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को दिया जा रहा है कि यूक्रेन युद्ध के बीच अमेरिका पूर्वी यूरोप में अपनी सैन्य उपस्थिति कमजोर नहीं करेगा। दूसरा संदेश यूरोपीय सहयोगियों, खासकर जर्मनी और स्पेन जैसे देशों के लिए माना जा रहा है, जिनकी रक्षा नीति और ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप प्रशासन आलोचना करता रहा है।

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कुछ विशेषज्ञ इसे ट्रंप की “लेन-देन आधारित कूटनीति” का हिस्सा भी मान रहे हैं। पोलैंड की मौजूदा राष्ट्रवादी सरकार लंबे समय से ट्रंप और MAGA राजनीति के करीब मानी जाती है। ऐसे में ट्रंप प्रशासन उन देशों को प्राथमिकता देता दिखाई दे रहा है जो उसकी रणनीतिक और वैचारिक लाइन के अधिक करीब हैं।

अमेरिकी कांग्रेस में भी इस फैसले पर बहस तेज हो गई है। डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों दलों के कई सांसदों ने पहले सैनिक कटौती की योजना की आलोचना की थी। उनका कहना था कि इससे रूस को गलत संदेश जाएगा और यूक्रेन युद्ध के दौरान NATO की एकजुटता कमजोर पड़ सकती है। अब पोलैंड में अतिरिक्त सैनिक भेजने को उसी आलोचना के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।

इस घटनाक्रम का सीधा असर रूस-यूक्रेन युद्ध और यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है। पोलैंड पहले से ही NATO की पूर्वी सुरक्षा रणनीति का अहम केंद्र बना हुआ है और यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद वहां अमेरिकी सैन्य गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं।

वैश्विक रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की बदलती सैन्य नीति यह संकेत देती है कि अमेरिका अब “चयनात्मक शक्ति प्रदर्शन” की रणनीति अपना रहा है — जहां वह अपने करीबी सहयोगियों को मजबूत करेगा, जबकि आलोचनात्मक देशों पर दबाव बनाए रखेगा।

ऐसे समय में जब अमेरिका ईरान युद्ध, चीन-ताइवान तनाव और रूस-यूक्रेन संघर्ष जैसे कई मोर्चों पर एक साथ उलझा हुआ है, पोलैंड में अतिरिक्त सैनिक भेजने का फैसला आने वाले महीनों में वैश्विक शक्ति संतुलन पर बड़ा असर डाल सकता है।

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