मौसम | समा मेहरा | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 23 मई 2026
उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी और हीटवेव की चपेट में है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में तापमान लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहा है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में गंभीर हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। ऐसे हालात में लोगों की निगाहें अब मॉनसून पर टिक गई हैं, जिससे गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस बार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून केरल में सामान्य तारीख से पहले दस्तक दे सकता है। आमतौर पर मॉनसून 1 जून को केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार इसके 26 मई तक आने की संभावना जताई गई है। यदि ऐसा होता है तो उत्तर भारत के कई राज्यों में भी मॉनसून समय से पहले पहुंच सकता है।
मौसम विभाग के मुताबिक, मॉनसून सबसे पहले केरल से आगे बढ़ते हुए कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में 5 जून तक पहुंच सकता है। इसके बाद महाराष्ट्र और तेलंगाना में 10 जून तक मॉनसून सक्रिय होने की संभावना है। गुजरात और मध्य प्रदेश में 15 जून तक बारिश का दौर शुरू हो सकता है, जबकि महीने के अंत तक पूरे मध्य प्रदेश और गुजरात के अधिकांश हिस्से मॉनसून से कवर हो जाएंगे।
उत्तर भारत की बात करें तो उत्तर प्रदेश में मॉनसून की एंट्री 20 जून के आसपास होने का अनुमान है। पूर्वी यूपी के कुछ इलाकों में बारिश इससे पहले भी शुरू हो सकती है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में 25 जून तक मॉनसून पहुंचने की संभावना है। बिहार में मॉनसून 10 जून तक दस्तक दे सकता है। वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 25 जून के आसपास मॉनसून पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।
राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में भी जून के आखिरी सप्ताह में मॉनसून सक्रिय हो सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मौजूदा परिस्थितियां बनी रहीं तो इस बार मॉनसून सामान्य से बेहतर रह सकता है।
इस बीच मॉनसून से पहले दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में भारी बारिश शुरू हो चुकी है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने केरल, माहे और लक्षद्वीप में अगले कुछ दिनों तक भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है।
पूर्वी भारत में भी मौसम तेजी से बदल रहा है। बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी लगातार बारिश दर्ज की जा रही है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि भीषण गर्मी के बाद मॉनसून की अच्छी बारिश खेती, जल संकट और बिजली मांग जैसी समस्याओं से राहत दिला सकती है। हालांकि उन्होंने लोगों को हीटवेव के दौरान सतर्क रहने की सलाह भी दी है। दोपहर में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और बच्चों एवं बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है। देशभर में अब लोगों को मॉनसून की पहली बारिश का इंतजार है, जो तपती गर्मी के बीच राहत की फुहार लेकर आने वाली है।




