राजनीति | आलोक रंजन | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 23 मई 2026
चुनाव आयोग ने 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर 18 जून 2026 को चुनाव कराने का ऐलान कर दिया है। जून और जुलाई के बीच इन सीटों पर मौजूदा सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिसके बाद नए सदस्यों का चुनाव होगा। इस चुनाव को लेकर सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि इससे राज्यसभा में सत्ता और विपक्ष के बीच ताकत का संतुलन प्रभावित हो सकता है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक की चार-चार सीटों पर चुनाव होंगे। वहीं मध्य प्रदेश और राजस्थान में तीन-तीन सीटें खाली हो रही हैं। झारखंड में दो सीटों पर मतदान होगा, जबकि मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में एक-एक सीट पर चुनाव कराया जाएगा।
चुनाव कार्यक्रम के तहत 1 जून से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी और 8 जून तक उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 11 जून तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और उसी दिन शाम 5 बजे तक मतगणना पूरी कर ली जाएगी।
इन चुनावों में कई बड़े नेताओं की सीटें भी दांव पर हैं। जिन सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है उनमें पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।
राज्यसभा की मौजूदा स्थिति पर नजर डालें तो इन 24 सीटों में से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पास सबसे अधिक सीटें हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव में NDA को एक सीट का नुकसान हो सकता है, जबकि कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन को कुछ बढ़त मिलने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, दक्षिण भारत और कुछ पूर्वोत्तर राज्यों में बदले राजनीतिक समीकरणों का असर राज्यसभा चुनावों में साफ दिखाई दे सकता है। खासकर कर्नाटक, झारखंड और राजस्थान की सीटों पर मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है।
चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने कहा है कि बैलेट पेपर पर प्राथमिकता अंकित करने के लिए केवल बैंगनी रंग के स्केच पेन का ही इस्तेमाल किया जाएगा। किसी अन्य रंग के पेन का उपयोग मान्य नहीं होगा। इसके लिए सभी रिटर्निंग अधिकारियों को विशेष निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
राजनीतिक दलों ने अब संभावित उम्मीदवारों को लेकर मंथन तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही राज्यसभा चुनाव का राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है।




