अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | वाशिंगटन/ पेरिस | 12 मई 2026
दुनिया भर में चर्चा का विषय बने MV Hondius क्रूज़ शिप से जुड़ा Hantavirus संकट अब और गंभीर होता जा रहा है। अमेरिका और फ्रांस लौटे दो यात्रियों के Hantavirus पॉजिटिव पाए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। इस वायरस से अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों यात्री निगरानी में रखे गए हैं।
अमेरिकी और फ्रांसीसी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि क्रूज़ शिप छोड़कर अपने-अपने देशों लौटे एक अमेरिकी और एक फ्रांसीसी नागरिक में Hantavirus संक्रमण पाया गया है। फ्रांस में संक्रमित महिला की हालत बिगड़ने की खबर है, जबकि अमेरिका में संक्रमित व्यक्ति को विशेष बायोकंटेनमेंट यूनिट में निगरानी में रखा गया है।
यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब MV Hondius नामक लग्जरी क्रूज़ शिप पर रहस्यमयी बीमारी फैलने लगी। शुरुआती जांच में Andes strain of Hantavirus की पुष्टि हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक एक डच दंपति और एक जर्मन महिला समेत कई लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें कम से कम दो मौतों में Hantavirus संक्रमण की पुष्टि हुई है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और विभिन्न देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि आम जनता के लिए खतरा “बहुत कम” है, लेकिन वायरस के मानव से मानव में फैलने की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, Hantavirus आमतौर पर संक्रमित चूहों या कृन्तकों के मल, मूत्र या लार के संपर्क से फैलता है। लेकिन Andes strain ऐसा दुर्लभ प्रकार माना जाता है, जो बेहद करीबी संपर्क में इंसानों के बीच भी फैल सकता है। यही वजह है कि क्रूज़ शिप पर मौजूद यात्रियों को अलग-अलग देशों में क्वारंटीन किया जा रहा है।
अमेरिका ने अपने नागरिकों को विशेष चार्टर्ड फ्लाइट से नेब्रास्का लाकर दुनिया की सबसे आधुनिक क्वारंटीन सुविधा में रखा है। वहां स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि संक्रमित और संदिग्ध यात्रियों को बायोकंटेनमेंट यूनिट में निगरानी में रखा गया है ताकि किसी भी तरह का संक्रमण बाहर न फैल सके।
फ्रांस, ब्रिटेन, कनाडा, स्पेन और नीदरलैंड्स समेत कई देशों ने भी अपने नागरिकों को आइसोलेशन में भेज दिया है। कनाडा ने तो कुछ यात्रियों को 42 दिनों तक अलग रखने का फैसला लिया है।
इस घटना ने कोविड-19 महामारी की यादें भी ताजा कर दी हैं। सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या दुनिया एक और वैश्विक स्वास्थ्य संकट की ओर बढ़ रही है। हालांकि WHO और वैज्ञानिक फिलहाल यह कह रहे हैं कि यह वायरस कोविड जितना तेजी से फैलने वाला नहीं है।
फिर भी, लगातार सामने आ रहे नए मामलों और मौतों ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर वायरस क्रूज़ शिप पर कैसे फैला और क्या संक्रमण केवल कृन्तकों से हुआ या इंसानों के बीच भी फैला।
फिलहाल MV Hondius को लेकर पूरी दुनिया की नजरें स्वास्थ्य एजेंसियों और जांच रिपोर्ट्स पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि यह केवल सीमित संक्रमण है या फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा स्वास्थ्य खतरा बन सकता है।




