राष्ट्रीय / पंजाब | सुरजीत सिंह | ABC NATIONAL NEWS | चंडीगढ़ | 11 मई 2026
पंजाब की राजनीति में रविवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री भगवंत मान के परिवार से जुड़े दो करीबी सदस्य भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री के चाचा बलजिंदर सिंह मान और चचेरे भाई ज्ञान सिंह मान ने चंडीगढ़ स्थित बीजेपी कार्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़ और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहे।
भगवंत मान के परिवार के सदस्यों का बीजेपी में शामिल होना पंजाब की राजनीति में बड़ा संदेश माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इसे आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री भगवंत मान के लिए बड़ा झटका बताया जा रहा है। बीजेपी नेताओं ने इसे पंजाब में पार्टी के विस्तार और बढ़ते जनाधार का संकेत बताया है।
बीजेपी में शामिल होने के बाद ज्ञान सिंह मान ने कहा कि पंजाब में लोगों की उम्मीदें पूरी नहीं हो रही हैं और राज्य में विकास तथा प्रशासन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ज्ञान सिंह पहले आम आदमी पार्टी के चुनावी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं और लोकसभा तथा विधानसभा चुनावों में रणनीतिक जिम्मेदारियां भी संभालते रहे हैं। हालांकि पिछले कुछ समय से वह सार्वजनिक रूप से मान सरकार की नीतियों की आलोचना कर रहे थे।
वहीं मुख्यमंत्री के चाचा बलजिंदर सिंह मान भी हाल के दिनों में राज्य सरकार पर नाराजगी जाहिर कर चुके थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकार छोटे कारोबारियों और एनआरआई निवेशकों के साथ भेदभाव कर रही है। कुछ दिन पहले उनके ढाबे की रसोई बंद करवाए जाने को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ था, जिसके बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा था।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब में बीजेपी लगातार मजबूत हो रही है और नए लोगों का पार्टी में शामिल होना इस बात का संकेत है कि लोग बदलाव चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी पंजाब में नई राजनीतिक दिशा देने के लिए तैयार है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी इस मौके पर आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों के बाद आम आदमी पार्टी और उसके नेता बौखलाए हुए हैं। सैनी ने आरोप लगाया कि केजरीवाल जहां-जहां समर्थन देने गए, वहां विपक्ष को नुकसान हुआ।
उन्होंने पंजाब सरकार पर भ्रष्टाचार और वादाखिलाफी के आरोप भी लगाए। सैनी ने कहा कि यदि सरकार खुद को ईमानदार बताती है तो फिर विभिन्न मामलों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई क्यों हो रही है। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक सहायता, कर्मचारियों के वेतन आयोग और पेंशन जैसे मुद्दों को लेकर भी पंजाब सरकार को घेरा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भगवंत मान के परिवार से जुड़े नेताओं का बीजेपी में जाना केवल एक सामान्य राजनीतिक घटना नहीं है, बल्कि यह पंजाब की बदलती राजनीति का संकेत भी माना जा सकता है। खासकर ऐसे समय में जब राज्य में आम आदमी पार्टी को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है।
पंजाब में आने वाले समय में यह घटनाक्रम राजनीतिक समीकरणों को कितना प्रभावित करेगा, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। फिलहाल बीजेपी इसे अपनी बड़ी राजनीतिक सफलता के रूप में पेश कर रही है, जबकि आम आदमी पार्टी की ओर से इस मुद्दे पर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।




