राष्ट्रीय | शीतांशु रमन | ABC NATIONAL NEWS | लखनऊ | 13 मई 2026
उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे चर्चित और प्रभावशाली परिवारों में से एक यादव परिवार से इस वक्त बेहद दुखद खबर सामने आई है। समाजवादी पार्टी के संस्थापक और देश के पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे तथा सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव का 38 साल की उम्र में अचानक निधन हो गया। प्रतीक यादव की मौत की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और यादव परिवार से जुड़े लोगों के बीच शोक की लहर दौड़ गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक प्रतीक यादव लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे और उनका इलाज मुंबई में चल रहा था। बताया जा रहा है कि उन्हें किडनी से जुड़ी गंभीर दिक्कत थी, हालांकि परिवार की ओर से अभी तक मौत की आधिकारिक वजह पर विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।
प्रतीक यादव राजनीति से हमेशा दूरी बनाकर रखने वाले मुलायम परिवार के उन चुनिंदा सदस्यों में गिने जाते थे, जिन्होंने सार्वजनिक जीवन में रहते हुए भी राजनीतिक मंचों से खुद को अलग रखा। जहां एक ओर अखिलेश यादव सक्रिय राजनीति में समाजवादी पार्टी का नेतृत्व करते हुए उत्तर प्रदेश की राजनीति के केंद्र में रहे, वहीं प्रतीक यादव ने बिजनेस, फिटनेस और निजी जीवन को प्राथमिकता दी। वह फिटनेस के प्रति अपने जुनून के लिए काफी जाने जाते थे और अक्सर सोशल मीडिया पर उनकी फिटनेस ट्रेनिंग और लाइफस्टाइल चर्चा का विषय बनती थी। लखनऊ में उनका नाम एक सफल बिजनेसमैन और हाई-प्रोफाइल फिटनेस आइकन के तौर पर भी लिया जाता था।
प्रतीक यादव की निजी जिंदगी भी लंबे समय तक मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बनी रही। उनकी पत्नी अपर्णा यादव खुद राजनीति में सक्रिय चेहरा हैं और बीजेपी से जुड़ी हुई हैं। अपर्णा यादव ने समाजवादी परिवार से अलग राजनीतिक रास्ता चुनते हुए भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था, जिसके बाद उनकी राजनीतिक भूमिका और पारिवारिक समीकरण लगातार चर्चा में रहे। हालांकि इन तमाम राजनीतिक मतभेदों के बावजूद प्रतीक और अपर्णा की निजी जिंदगी हमेशा लोगों के लिए दिलचस्प बनी रही।
दोनों की लव स्टोरी भी काफी चर्चित रही थी। बताया जाता है कि स्कूल के दिनों में ही प्रतीक और अपर्णा एक-दूसरे को पसंद करने लगे थे। उस दौर में दोनों के बीच ईमेल के जरिए बातचीत होती थी और धीरे-धीरे यह रिश्ता गहराता चला गया। बाद में दोनों ने शादी कर ली और यादव परिवार की चर्चित जोड़ियों में शामिल हो गए। हालांकि कुछ वर्षों बाद राजनीतिक और निजी मतभेदों की खबरें भी सामने आईं। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि दोनों के रिश्ते में तनाव इतना बढ़ गया था कि मामला अलगाव और तलाक तक पहुंच गया था। लेकिन बाद में दोनों के बीच सुलह हुई और रिश्ते में सुधार देखने को मिला। इसके बाद कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में दोनों एक साथ नजर आए।
प्रतीक यादव भले ही चुनावी राजनीति में सक्रिय नहीं थे, लेकिन मुलायम सिंह यादव के बेटे होने की वजह से उनकी हर गतिविधि मीडिया की नजर में रहती थी। यादव परिवार की राजनीतिक विरासत, अखिलेश यादव के साथ संबंध और अपर्णा यादव की बीजेपी राजनीति — इन सबके कारण प्रतीक लगातार सुर्खियों में बने रहते थे। खासकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में जब भी समाजवादी परिवार के भीतर समीकरण बदलते थे, तब प्रतीक यादव का नाम चर्चा में जरूर आता था।
प्रतीक यादव के निधन की खबर सामने आने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने दुख जताया है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं में गहरा शोक देखा जा रहा है। कई वरिष्ठ नेताओं ने इसे यादव परिवार के लिए “व्यक्तिगत और भावनात्मक क्षति” बताया है। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके शांत, सौम्य और फिटनेस-प्रेमी व्यक्तित्व को याद कर रहे हैं।
यादव परिवार पहले ही मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद भावनात्मक दौर से गुजर चुका है और अब प्रतीक यादव की असमय मौत ने परिवार को एक और बड़ा झटका दे दिया है। फिलहाल पूरे राजनीतिक और सामाजिक जगत की नजर परिवार की आधिकारिक प्रतिक्रिया और अंतिम संस्कार से जुड़ी जानकारी पर बनी हुई है।




