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शिवेंदु अधिकारी ने मंत्रियों में बांटे विभाग, अग्निमित्रा पॉल को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय

राष्ट्रीय / पश्चिम बंगाल | अरिंदम बनर्जी | ABC NATIONAL NEWS | कोलकाता | 11 मई 2026

पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री शिवेंदु अधिकारी ने अपनी नई सरकार के मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को पंचायती राज विकास एवं पशु संसाधन विकास विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय दिया गया है।

मुख्यमंत्री शिवेंदु अधिकारी और उनके मंत्रिमंडल के पांच सदस्यों ने 9 मई को कोलकाता में आयोजित समारोह में शपथ ली थी। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे थे। पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद यह पहली भाजपा सरकार बनी है, जिसने ममता बनर्जी के 15 वर्षों के शासन का अंत किया।

किस मंत्री को मिला कौन सा विभाग

दिलीप घोष — पंचायती राज विकास एवं पशु संसाधन विकास

अशोक कीर्तनिया — खाद्य विभाग

खुदीराम टुडू — पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग

अग्निमित्रा पॉल — महिला एवं बाल विकास विभाग

निशीथ प्रमाणिक — उत्तर बंगाल विकास, खेल एवं युवा कल्याण विभाग

नबन्ना में हुई पहली कैबिनेट बैठक

सोमवार को राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ में नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री शिवेंदु अधिकारी ने कई बड़े फैसलों का ऐलान किया। इनमें भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को जमीन हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू करना और राज्य में आयुष्मान भारत समेत केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं को लागू करना शामिल है।

मुख्यमंत्री शिवेंदु अधिकारी ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल को जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से शुरू कर दी गई है और अगले 45 दिनों में यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने दावा किया कि इससे सीमा पर अवैध घुसपैठ की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।

सीमा सुरक्षा बना सरकार का बड़ा एजेंडा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने सीमा सुरक्षा और घुसपैठ के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। भाजपा लगातार आरोप लगाती रही है कि पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार ने बीएसएफ को सीमा पर बाड़ लगाने के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं कराई।

पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश के साथ लगभग 2216 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है, जिसमें कई हिस्सों में अब भी बाड़ नहीं लगी है। भाजपा का कहना है कि नई सरकार सीमा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी और अवैध घुसपैठ रोकने के लिए तेज़ी से कदम उठाए जाएंगे।

नई सरकार के शुरुआती फैसलों को भाजपा अपने “तेज प्रशासनिक एक्शन” के तौर पर पेश कर रही है। वहीं विपक्ष इन फैसलों को लेकर सरकार पर राजनीतिक एजेंडा लागू करने के आरोप लगा रहा है। आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति और प्रशासनिक दिशा को लेकर नई सरकार के कदमों पर सभी की नजर बनी रहेगी।

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