राष्ट्रीय | अवधेश झा | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 12 मई 2026
42 घंटे पहले WhatsApp पर बिक रहे थे सवाल
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-2026 एक बार फिर विवादों के भंवर में फंस गई है। कथित पेपर लीक के आरोपों ने करोड़ों छात्रों और अभिभावकों में गुस्सा भर दिया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा है कि “अब NEET परीक्षा नहीं, बल्कि खुलेआम नीलामी का सिस्टम बन चुकी है।”
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि परीक्षा से करीब 42 घंटे पहले WhatsApp पर प्रश्न बेचे जा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि “22 लाख से ज्यादा छात्रों की मेहनत को एक रात में बाजार में बेच दिया गया।”
राहुल गांधी ने लिखा,
“NEET-2024 के जख्म अभी भरे भी नहीं थे कि 2026 में फिर वही कहानी दोहरा दी गई। 10 साल में 89 पेपर लीक और 48 बार दोबारा परीक्षाएं — हर बार सरकार वादे करती है और फिर चुप्पी साध लेती है।”
उन्होंने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि
“जब सरकार अपनी हर नाकामी का बोझ जनता पर डालती है, तब गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों का भविष्य भी उसी बोझ तले कुचल दिया जाता है।”
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट्स में दावा किया जा रहा है कि पेपर WhatsApp ग्रुप्स में “नीलाम” हो रहा था। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, लेकिन छात्रों और अभिभावकों के बीच भारी नाराजगी देखी जा रही है।
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। आखिर देश की सबसे संवेदनशील परीक्षाओं के प्रश्नपत्र बार-बार कैसे लीक हो रहे हैं? क्या जांच एजेंसियां पूरी तरह फेल हो चुकी हैं, या फिर “पेपर माफिया” सिस्टम से भी ज्यादा ताकतवर हो गया है?
विपक्ष अब इस मुद्दे को युवाओं के भविष्य से जुड़ा “राष्ट्रीय घोटाला” बता रहा है। सोशल मीडिया पर #NEET2026 और #PaperLeak तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं, जहां लाखों छात्र परीक्षा व्यवस्था पर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।
फिलहाल सरकार और परीक्षा एजेंसियों की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है, लेकिन इतना साफ है कि NEET-2026 विवाद ने देशभर में शिक्षा व्यवस्था की साख को फिर कठघरे में खड़ा कर दिया है।




